लुधियाना में गूंजेगी बंगाल टाइगर की दहाड़: नागपुर के जंगल से आई बादल और बिजली की जोड़ी; जू में साथ फोटो भी खिंचवा सकेंगे – Ludhiana News
पंजाब के पर्यटकों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। लुधियाना जू में पिछले करीब डेढ़ साल से बंद पड़ी टाइगर सफारी आज (2 जून) से दोबारा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही पर्यटक एक बार फिर रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़ सुन सकेंगे। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा जूलॉजिकल पार्क से लाए गए बाघों के जोड़े ‘बादल’ और ‘बिजली’ का क्वारंटाइन पीरियड खत्म होने के बाद उन्हें आज खुले बाड़े में छोड़ दिया गया। दिसंबर 2024 में जू के आखिरी टाइगर अमन की रक्त संक्रमण के कारण मौत के बाद से टाइगर सफारी बंद थी, जिसे अब फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। वन्यजीव नियमों के तहत लुधियाना पहुंचने के बाद बादल और बिजली को डॉक्टरों की निगरानी में क्वारंटाइन में रखा गया था। इस दौरान उनकी सेहत पर नजर रखी गई और यह भी देखा गया कि वे नागपुर से पंजाब के मौसम, पानी और माहौल को किस तरह अपना रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों टाइगर पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्होंने यहां के वातावरण में खुद को अच्छी तरह ढाल लिया है।
जानिए दोनों का नाम क्यों पकड़ा बादल-बिजली बादल और बिजली का नाम मौसम से जुड़ा है। जिस दिन इन्हें यहां लाया गया था, उस दिन आसमान में बादल छाए हुए थे और बिजली चमक रही थी। इसी वजह से इनका नाम बादल और बिजली रखा गया।बादल का वजन 165 किलोग्राम है, जबकि बिजली का वजन 87 किलोग्राम है। इनके खान-पान का भी खास ध्यान रखा जाता है। बादल को रोजाना 9 किलोग्राम और बिजली को 5 किलोग्राम भैंसे का मांस दिया जाता है। हालांकि शुक्रवार को दोनों का ऑफ डे रहता है और उस दिन इन्हें कोई खाना नहीं दिया जाता। बेहद खास क्यों है बादल और बिजली वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बादल और बिजली को महाराष्ट्र के जंगलों से पकड़ा गया था। इसके बाद दोनों को विशेष संरक्षण में रखा गया। इससे पहले वे किसी भी चिड़ियाघर में नहीं रहे थे। 6 मई को उन्हें लुधियाना लाया गया, जहां कुछ दिनों तक क्वारंटीन में रखा गया। इस दौरान उन्हें यहां के माहौल में ढालने और सर्वाइव करने के लिए दो दिनों के लिए खुले क्षेत्र में भी छोड़ा गया। इसके बाद आज ( 2 जून) दोनों को आधिकारिक तौर पर जू में छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि रॉयल बंगाल टाइगर अपनी ताकत और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। लुधियाना पहुंचे बादल और बिजली की भी कई खास विशेषताएं हैं। इनके शरीर पर बनी काली धारियां इंसानों के फिंगरप्रिंट की तरह होती हैं। यानी दुनिया में किसी भी दो बाघों की धारियां एक जैसी नहीं होतीं। ताकत के मामले में रॉयल बंगाल टाइगर बिल्ली प्रजाति के सबसे बड़े जानवरों में गिने जाते हैं और इनका वजन 250 किलोग्राम तक हो सकता है। आमतौर पर माना जाता है कि बिल्लियां पानी से डरती हैं, लेकिन टाइगर इसके बिल्कुल उलट बेहतरीन तैराक होते हैं। उनकी दहाड़ इतनी शक्तिशाली होती है कि उसे करीब 3 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता है। गर्मी से बचाने के लिए विशेष प्रबंध, जानिए… टाइगर के PHOTOS…
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