गुरुद्वारा गुरु हरिगोबिंद साहिब में जत्थे ने कीर्तन से संगत को गुरु चरणों से जोड़ा – Jalandhar News
जालंधर। ऐतिहासिक नगर बस्ती शेख के मोहल्ला कोट स्थित प्राचीन गुरुद्वारा गुरु हरिगोबिंद साहिब में अकाल तख्त के सृजनहार, मीरी-पीरी के स्वामी, बंदी छोड़ दाता, धन-धन श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा से मनाया। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार जत्थेदार कुलविंदर सिंह चीमा ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से चल रहे धार्मिक समागमों की श्रृंखला के अंतर्गत अंतिम दिन का दीवान ढाडी दरबार के रूप में करवाया। अमृत वेले से सजे दीवान में सर्वप्रथम श्री अखंड पाठ साहिब की लड़ी के भोग डाले गए। श्री अखंड पाठ साहिब की सेवा चीमा परिवार ने सतगुरु का धन्यवाद करते हुए संपन्न कराई। उपरांत भाई जोगिंदर सिंह के जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। पंथ प्रसिद्ध ढाडी ज्ञानी हरनेक सिंह बुलंदा के जत्थे ने वीर रस से ओतप्रोत ढाडी वारों का गायन किया। ज्ञानी गुरमीत सिंह ने कथा-विचारों से गुरु इतिहास से अवगत कराया। गुरुद्वारा प्रबंधक एवं मुख्य सेवादार कुलविंदर सिंह चीमा ने रागी एवं ढाडी जत्थों को सिरोपाओ भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके शिअद (पुनर सुरजीत) के सर्कल प्रधान हरविंदर सिंह चीमा, सुरजीत सिंह, जत्थेदार बचन सिंह कादियां, जसबीर सिंह सचदेवा, कंवल नैन सिंह मोंटू, राजिंदर सिंह मुल्तानी, गुरबचन सिंह रंधावा, संत प्रीत सिंह साजन, मनमोहन सिंह निहंग, प्रह्लाद सिंह, अनमोलदीप सिंह, सिमरजीत सिंह चीमा, बीबी गगनज्योति चीमा समेत अन्य मौजूद रहे।
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