पंजाब में फिर गर्माया ‘बंदी सिखों’ की रिहाई का मुद्दा: कौमी इंसाफ मोर्चा ने 4 जुलाई को सरहिंद में किया ‘रेल रोको’ आंदोलन का ऐलान – Khanna News
श्री फतेहगढ़ साहिब में पंजाब में सजा पूरी कर चुके ‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर एक बार फिर पंथक सियासत और आंदोलन तेज होने जा रहा है। कौमी इंसाफ मोर्चा ने 4 जुलाई 2026 को सरहिंद के माधोपुर में बड़े स्तर पर ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मीटिंग हॉल में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कौमी इंसाफ मोर्चा के शीर्ष नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकारों पर बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में पूरी तरह से उदासीन और टालमटोल वाला रवैया अपनाने का आरोप लगाया। सजा पूरी होने के बाद भी रिहाई न होना अन्याय नेताओं ने कहा कि अपनी कानूनी सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को अभी भी जेलों की सलाखों के पीछे रखना मानवाधिकारों और न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है, जिससे पूरे सिख जगत में भारी रोष है।इसके साथ ही मोर्चे ने एक और बड़ी मांग रखते हुए कहा कि ‘काली सूची’ (Blacklist) में दर्ज करीब 20 हजार सिखों के नाम इस सूची से तुरंत बाहर किए जाने चाहिए। अमृतपाल सिंह और राजोआणा समेत इन सिखों की रिहाई की मांग किसान और सामाजिक संगठनों से मांगा सहयोग, लोगों से पहुंचने की अपील कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं ने बताया कि 4 जुलाई के इस ‘रेल रोको’ प्रदर्शन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए पंजाब के अलग-अलग पंथक, सामाजिक और किसान संगठनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल किसी एक वर्ग विशेष का नहीं है, बल्कि यह न्याय की मांग करने वाले हर इंसान की आवाज है। इस दौरान वरिष्ठ नेता करनैल सिंह पंजोली और शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष व कौमी इंसाफ मोर्चा (मोहाली) के सह-संयोजक गुरिंदर सिंह भंगू ने देश-विदेश की सिख संगतों और इंसाफ पसंद लोगों से अपील की कि वे 4 जुलाई को भारी संख्या में सरहिंद के माधोपुर पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएं।
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