‘यहां चिट्टा बिकता है’ पर पंजाब सरकार को अंतिम मौका: बठिंडा में दीवारों पर लिखा मिला था, हाईकोर्ट ने 16 जुलाई तक मांगा जवाब, फिर कार्रवाई – Chandigarh News

‘यहां चिट्टा बिकता है’ पर पंजाब सरकार को अंतिम मौका:  बठिंडा में दीवारों पर लिखा मिला था, हाईकोर्ट ने 16 जुलाई तक मांगा जवाब, फिर कार्रवाई – Chandigarh News




बठिंडा जिले के मौड़ कलां गांव में दीवारों पर ‘यहां चिट्टा बिकता है’ लिखे जाने के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। अदालत ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 16 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक मांगी गई जानकारी पेश नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि मौड़ थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 82 मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है। साथ ही यह भी बताने को कहा है कि पंजाब में नशा तस्करी पर रोक लगाने और नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत कदम उठाए गए हैं। दीवारों पर लिखा गया था- ‘यहां चिट्टा बिकता है’ यह मामला पिछले साल दिसंबर में सामने आया था। बठिंडा के मौड़ कलां गांव में नशे के बढ़ते कारोबार के विरोध में ग्रामीणों ने गांव की दीवारों पर ‘यहां चिट्टा बिकता है’ लिख दिया था। इस घटना की खबर सामने आने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया था। सरकार ने अपने पहले जवाब में अदालत को बताया था कि मौड़ कलां गांव, मौड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां पिछले एक वर्ष के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 82 एफआईआर दर्ज की गईं और 151 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं पूरे बठिंडा जिले में इसी अवधि के दौरान नशा तस्करी से जुड़े 1,673 मामले दर्ज होने की जानकारी भी दी गई थी। हाईकोर्ट ने मांगा था विस्तृत ब्यौरा इन आंकड़ों के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि वह मौड़ थाना क्षेत्र में दर्ज 82 एनडीपीएस मामलों की पूरी जानकारी दे। अदालत ने पूछा कि कितने मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, कितनों में अदालत में चालान पेश किया गया है और बाकी मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है। साथ ही सरकार से यह भी बताने को कहा कि पंजाब में नशे के कारोबार पर रोक लगाने और तस्करी रोकने के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि उसके पहले दिए गए आदेशों के बावजूद पंजाब सरकार अब तक पूरी रिपोर्ट नहीं दे सकी है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए सरकार को 15 दिन के भीतर पूरी जानकारी जमा करने का आखिरी मौका दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि 16 जुलाई को अगली सुनवाई तक यदि रिपोर्ट पेश नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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