लुधियाना राड़ा साहिब पुल पर AAP-कांग्रेस में क्रेडिट वॉर: सांसद बोले- केंद्र सरकार की योजना से काम मेरी सिफारिश से मंजूर, विधायक बोले- अबतक कहां थी कांग्रेस – Khanna News
लुधियाना के पायल विधानसभा क्षेत्र के तहत ऐतिहासिक धार्मिक स्थल राड़ा साहिब नहर पर बने नए पुल के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में भारी राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। करीब 50 साल पुरानी मांग के बाद बने इस पुल का क्रेडिट (श्रेय) लेने के लिए कांग्रेस और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आमने-सामने आ गए हैं और एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक बाण चला रहे हैं। गौरतलब है कि राड़ा साहिब गुरुद्वारा साहिब के पास नहर पर बना पुराना पुल ब्रिटिश काल का (अंग्रेजों के जमाने का) था, जो बेहद संकरा हो चुका था। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को यहां वर्षों से भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से रविवार और धार्मिक समागमों के दौरान यहां स्थिति बेहद खराब हो जाती थी। इलाके के लोग पिछले लगभग 50 वर्षों से यहां एक नए और चौड़े पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे। कांग्रेस का दावा: “सांसद के हस्ताक्षर के बिना नहीं होगा भुगतान” शनिवार को फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस सांसद डॉ. अमर सिंह ने अचानक राड़ा साहिब पहुंचकर नए बने पुल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक नया विवाद खड़ा कर दिया। सांसद डॉ. अमर सिंह ने दावा किया कि ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास योजना’ के तहत जितने भी कार्य होते हैं, वे संबंधित क्षेत्र के सांसद की सिफारिश पर ही मंजूर होते हैं। उन्होंने मौके पर ही मौजूद विभागीय अधिकारी से पुल की फाइल मंगवाई और उस पर हस्ताक्षर किए। सांसद ने कहा कि उनके हस्ताक्षर के बिना इस पुल का सरकारी भुगतान (पेमेंट) होना संभव ही नहीं है। उनके साथ मौजूद पूर्व कांग्रेस विधायक लखबीर सिंह लक्खा ने ‘आप’ विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पुल सांसद अमर सिंह के प्रयासों की ही देन है, जिसका ‘आप’ नेता गलत श्रेय ले रहे हैं। ‘आप’ विधायक का पलटवार: “जब पुल की जरूरत थी, तब कांग्रेसी कहां थे?” कांग्रेस के इन दावों और आरोपों पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब यहां पुल की जरूरत थी तो कांग्रेस के नेता कहां थे। अब मान सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं तो कांग्रेस के पास मात्र आरोप लगाने के सिवाय कुछ नहीं रह गया है।
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