मोहाली में फर्जी जमानतदार बनाकर आरोपी को दिलाई जमानत: डेढ़ साल बाद कोर्ट के आदेश पर FIR, आवेदक ने खोली फर्जीवाड़े की पोल – Kharar News
मोहाली की एक अदालत के कड़े रुख के बाद फर्जी जमानत दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत की जमानत कराने के लिए एक निर्दोष व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया था। एडिशनल सेशन जज, एसएएस नगर की अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने एक नामजद आरोपी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला ‘स्टेट बनाम मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत’ से जुड़ा है। अदालत में सुनवाई के दौरान गांव पापड़ी निवासी तेजवीर सिंह ने एक आवेदन दाखिल कर चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसने कभी आरोपी की जमानत ली ही नहीं थी। तेजवीर का आरोप था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी वर्ष 2022-23 की संपत्ति जमाबंदी और पहचान पत्रों का फर्जी इस्तेमाल कर अदालत में फर्जी श्योरिटी बांड दाखिल किए। अपनी पहचान साबित करने के लिए तेजवीर ने अपने असली पहचान पत्र, पासपोर्ट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र कोर्ट में पेश किए। अदालत ने दिए कड़े निर्देश और जांच के आदेश मामले का रिकॉर्ड खंगालने पर अदालत ने पाया कि 19 जून 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए गए जमानत बांड में तेजवीर सिंह की फर्जी पहचान का इस्तेमाल हुआ था। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस फर्जी जमानतदार की पहचान सज्जन सिंह (निवासी गांव चनालो, कुराली) नाम के व्यक्ति ने कराई थी। अदालत ने इसे न्याय व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ माना और थाना प्रभारी को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके साथ ही आरोपी मनप्रीत सिंह को 50 हजार रुपये के नए जमानत बांड पेश करने को कहा गया है। विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज, जांच जारी 22 जुलाई 2026 को अदालती आदेश प्राप्त होने के बाद पुलिस ने सज्जन सिंह और अन्य अज्ञात षड्यंत्रकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2), 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमा कराए गए दस्तावेजों और पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है, तथा धोखाधड़ी के इस खेल में शामिल हर दोषी पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
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