दिल्ली पुलिस बोली- जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में 216 क्रिमिनल शामिल: सोशल मीडिया, सीसीटीवी फुटेज की जांच में पहचान हुई
नई दिल्ली4 मिनट पहलेलेखक: सुनील मौर्य, अभिषेक कुमार
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दिल्ली पुलिस का दावा है कि ये लोग प्रदर्शन में शामिल थे। इनका पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड भी रहा है।
दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान कर रही है। 216 लोग ऐसे मिले हैं जिनका पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है।
इनमें वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली और बाकी अन्य जिलों के हैं। सूत्रों के मुताबिक, वायरल सोशल मीडिया पोस्ट, सीसीटीवी फुटेज की FCR से जांच करने पर इन क्रिमिनल्स की पहचान हुई।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई थी। कई वीडियोज ऐसे भी आए थे, जिनमें फोर्सेस पर भी हमला हुआ। फोर्सेस पर गलत बल प्रयोग के आरोप भी लगे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की फुटेज और फोटो जांच रहा है।
इस बीच, रैपिड एक्शन फोर्स ने भी जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पेलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि इन प्रदर्शनकारियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड मैच हुआ है।
प्रदर्शन में शामिल संदिग्धों की फोटोज

पुलिस ने दावा किया है कि इस व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड है।

प्रदर्शन में शामिल इस शख्स का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी सामने आया।

पुलिस ने यलो घेरे में शामिल प्रदर्शनकारी का क्रिमिनल रिकॉर्ड ढूंढा है।
पुलिस के किसी अधिकारी पर एक्शन नहीं
दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर देवेश कुमार श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर से कहा कि CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस के किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
किसी पुलिस कर्मचारी या अधिकारी को सस्पेंड करने या विभागीय कार्रवाई करने की सोशल मीडिया पर आई खबर गलत है।
पुलिस की तरफ से लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की गई। जितने पुलिस ऑफिशियल घायल हुए थे इनमें ज्यादातर को अब अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। उनकी अब ड्यूटी भी लगाई जा रही है।
RAF पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच करेगी

राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल छात्र से शुक्रवार को मुलाकात की और उसके घाव मीडिया को दिखाए थे।
रैपिड एक्शन फोर्स ने दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि RAF यह जांचेगी कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान RAF की टीमों ने क्या कार्रवाई की और किन परिस्थितियों में जवानों पर हमला हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर RAF जवानों की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इनमें कुछ वीडियो में जवानों को बंदूक और लाठी का इस्तेमाल करते तथा लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। वहीं कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा RAF जवानों को घेरकर उन पर हमला करते हुए भी दिखाया गया है।
20 जुलाई: संसद मार्च में पुलिस का लाठीचार्ज
कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी।
सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे।
संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए थे।

कॉकरोच पार्टी के समर्थक संसद के करीब पहुंच गए थे। आंसू गैस के गोले दागने के बाद वे वहां से हटे।

रैपिड एक्शन फोर्स के जवान जंतर-मंतर खाली कराने पहुंचे थे। वहां लोगों पर लाठीचार्ज किया गया था।

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25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पूरी खबर पढ़ें…


