बंगाल में बच्ची से रेप-मर्डर का आरोपी एनकाउंटर में ढेर: पुलिस का दावा- राइफल छीनकर भाग रहा था; तालाब से मिला था नाबालिग का शव
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कोलकाताकुछ ही क्षण पहले
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4 जुलाई का CCTV फुटेज में लड़की एक आरोपी के साथ जाती दिखाई दी।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से रेप और मर्डर का एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस का दावा है कि प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें प्रभास मंडल को गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बारुईपुर में 12 साल की लड़की 4 जुलाई को लापता हो गई थी। 5 जुलाई को एक तालाब में उसका शव मिला। पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि हुई। पुलिस ने रेप-मर्डर के आरोप में प्रभास मंडल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक आरोपी का नाम आनंद सरदार है।
रेप-मर्डर केस से जुड़ी 2 तस्वीरें….


एक आरोपी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था
5 जुलाई को तालाब से लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसपर बच्ची के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। मृतक की पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी।
पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें चार लोग लड़की को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के सिर और प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान मिले।
लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान थे। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। आरोपियों ने उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया था। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई।
बारुईपुर रेप-मर्डर पर राजनीति, ममता के घर पर भारी सुरक्षा तैनात

बच्ची से रेप-मर्डर मामले को लेकर बंगाल में राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने 6 जुलाई को समर्थकों के साथ कोलकाता में कैंडल मार्च निकाला था।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसे भाजपा ने रूटीन सुरक्षा बताया है।
NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 6 जुलाई को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई।

भास्कर नॉलेज…
- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक भारत में हर साल POCSO के लगभग 70,000 केस दर्ज होते हैं। हर महीने इनकी संख्या लगभग 5,766 होती है। जबकि हर दिनलगभग 190 केस दर्ज होते हैं।
- अकेले 2024 में 69,191 POCSO मामले दर्ज हुए। नमें 70,132 बच्चे पीड़ित थे। बच्चों के खिलाफ दर्ज कुल 1.87 लाख अपराधों में से लगभग 37% मामले POCSO के थे।
- गौरतलब है कि ये केवल दर्ज मामले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक कलंक, डर और रिपोर्ट न होने के कारण वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।
- NCRB के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, POCSO के गंभीर अपराधों (विशेषकर यौन उत्पीड़न से जुड़े प्रावधानों) में लगभग 97% मामलों में आरोपी बच्चा या उसके परिवार का परिचित जैसे रिश्तेदार, पड़ोसी, दोस्त या परिचित था।

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दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती

बारुईपुर जैसा ही एक मामला 22 जून को नई दिल्ली में सामने आया था। जहां 11 साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पैर में गोली मारी।
पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। वह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। पढ़ें पूरी खबर…


