पीएफ ट्रस्टों के स्थायी करने को एमनेस्टी योजना शुरू – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपंजीकृत और गैर-नियमित पीएफ ट्रस्टों को बड़ी राहत दी है। ईपीएफओ ने पात्र छूट प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्टों के लिए एकमुश्त एमनेस्टी योजना, 2026 की शुरुआत की है। इसके तहत उन संस्थानों को अपने पीएफ ट्रस्ट को नियमित यानी रेगुलराइज करने का सुनहरा मौका दिया गया है, जो मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट तो चला रहे हैं, लेकिन ईपीएफ अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत उन्हें औपचारिक छूट नहीं मिल सकी है। रीजनल भविष्य निधि कमिश्नर पंकज कुमार ने ये जानकारी दी है। यह योजना 29 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी। पात्र संस्थान इस समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जमा करवाकर कानूनी उलझनों से बच सकते हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त दफ्तर ने कहा है कि उसके जालंधर क्षेत्र के सभी नियोक्ताओं, पीएफ ट्रस्टों के ट्रस्टियों और हित धारकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी पात्रता की जांच कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। जानकारी के लिए नियोक्ता कार्यालय समय के दौरान ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय, मास्टर तारा सिंह नगर से संपर्क कर सकते हैं। क्यों पड़ी इस योजना की जरूरत दरअसल, वित्त अधिनियम, 2026 के तहत हाल ही में किए गए संशोधनों के बाद अब आयकर अधिनियम के तहत मिलने वाली मान्यता को सीधे ईपीएफ अधिनियम के तहत मिलने वाली छूट से जोड़ दिया गया है। ऐसे में जिन संस्थानों के पास औपचारिक छूट का आदेश नहीं है, उनके सामने कानूनी और अनुपालन संबंधी अनिश्चितता खड़ी हो गई थी। यह एमनेस्टी योजना नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हितों की रक्षा करते हुए संस्थानों को पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी व्यवस्था के दायरे में लाने का काम करेगी। . ईपीएफओ ने आवेदन करने वाले संस्थानों को उनकी वर्तमान और भविष्य की कार्यप्रणाली के आधार पर दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। इनमें निमिन लिखित श्रेणियां हैं। {श्रेणी-1 यानी नॉन-एग्जेंप्टेड बनने वाले संस्थान : इस श्रेणी में वे संस्थान आएंगे जिन्होंने ईपीएफओ के तहत गैर-छूट प्राप्त संस्थान के रूप में अपना अनुपालन शुरू कर दिया है या भविष्य में ऐसा करने का इरादा रखते हैं। ऐसे संस्थान बिना किसी औपचारिक छूट आदेश के अतीत में चलाए गए पीएफ ट्रस्ट की अवधि का नियमितीकरण करा सकेंगे और सामान्य ईपीएफओ सिस्टम का हिस्सा बनकर काम जारी रख सकेंगे। {श्रेणी-2 यानी एग्जेंप्टेड बने रहने वाले संस्थान : इस श्रेणी में वे संस्थान शामिल हैं जो सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त संस्थान के रूप में ही काम करना चाहते हैं। ये संस्थान निर्धारित कानूनी और वैधानिक शर्तों को पूरा करके आवश्यक छूट हासिल करने के बाद अपने स्वयं के पीएफ ट्रस्ट का संचालन आगे भी जारी रख सकेंगे।
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