पति को जेल से छुड़ाने के नाम पर गैंगरेप: यूपी पुलिस ने जांच के बाद पंजाब ट्रांसफर किया मामला, 3 पर केस दर्ज, पीड़िता गर्भवती – Mohali News

पति को जेल से छुड़ाने के नाम पर गैंगरेप:  यूपी पुलिस ने जांच के बाद पंजाब ट्रांसफर किया मामला, 3 पर केस दर्ज, पीड़िता गर्भवती – Mohali News




पंजाब के जीरकपुर में पति को जेल से बाहर निकालने का झांसा देकर एक महिला से सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा की रहने वाली है और जीरकपुर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश की अमरोहा पुलिस द्वारा शुरुआती जांच किए जाने के बाद अब केस को घटना स्थल के अधिकार क्षेत्र के तहत पंजाब की जीरकपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। जीरकपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचानआमिर (पुत्र नाजिम अली), सोनू (पुत्र रामफल/अफ़ज़ल) और इमरान (पुत्र इश्तयाक) के रूप में हुई है। अब जानिए कैसे हुआ यह सारा मामला झांसा देकर जाल में फंसाया, फिर किया घिनौना काम पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका पति यूपी की अमरोहा जेल में बंद था। इस दौरान जीरकपुर में काम करते समय उसकी मुलाकात आमिर (निवासी बदायूं, यूपी) और सोनू (निवासी करनाल, हरियाणा) से हुई। दोनों ने उसको विश्वास दिलाया कि अमरोहा का रहने वाला उनका साथी इमरान अदालतों में अच्छी पकड़ रखता है और वे उसके पति की जमानत करवा देंगे। जमानत का झांसा देकर आरोपी पीड़िता को अपने साथ ले गए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आमिर और सोनू पर पहले भी कई बार दुष्कर्म करने का आरोप है। मेडिकल जांच में सामने आई गर्भावस्था जब पीड़िता का पति सितंबर 2025 में जेल से बाहर आया, तब पीड़िता की तबीयत खराब हुई। पति द्वारा अल्ट्रासाउंड करवाने पर पता चला कि महिला गर्भवती हो चुकी है। इसके बाद पीड़िता ने डरते-डरते अपने पति को पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता करीब 6 महीने की गर्भवती है। यूपी पुलिस की जांच में खुला राज पीड़िता ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के थाना डिडौली में शिकायत दर्ज कराई थी। डिडौली पुलिस के निरीक्षक सतीश कुमार ने जब मामले की गहनता से तकनीकी, भौतिक और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर जांच की, तो पाया कि पीड़िता
ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के थाना डिडौली में शिकायत दर्ज कराई थी। डिडौली पुलिस के निरीक्षक सतीश कुमार ने जब मामले की गहनता से तकनीकी, भौतिक और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर जांच की, तो पाया कि पीड़िता द्वारा बताई गई तारीख और यूपी का घटना स्थल मेल नहीं खा रहे हैं।जांच में यह साफ हुआ कि यह वारदात वास्तव में 08 अक्टूबर 2025 को पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) जिले के थाना जीरकपुर क्षेत्र के अंतर्गत घटित हुई थी।



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