पठानकोट-जम्मू NH-44 पर पलटा मिट्टी से लदा टिप्पर: चालक को झपकी आने से सुजानपुर पुल के पास हुआ हादसा – Pathankot News

पठानकोट-जम्मू NH-44 पर पलटा मिट्टी से लदा टिप्पर:  चालक को झपकी आने से सुजानपुर पुल के पास हुआ हादसा – Pathankot News




पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे स्थित सुजानपुर पुल नंबर-5 के पास बीती देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। यहां एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य के लिए मिट्टी लेकर जा रहा एक टिप्पर अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर ही पलट गया। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त टिप्पर JK 08K 1011 एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में लगा हुआ था और मिट्टी लोड करके जा रहा था। बताया जा रहा है कि देर रात वाहन चलाते समय अचानक चालक को नींद की झपकी आ गई, जिसके कारण वह टिप्पर पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही तेज रफ्तार टिप्पर सड़क पर पलट गया। सौभाग्य से जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त हाईवे पर आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। ट्रक का केबिन क्षतिग्रस्त, चालक सुरक्षित इस हादसे में टिप्पर का अगला हिस्सा (केबिन) बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के वक्त टिप्पर के भीतर केवल चालक ही मौजूद था। तेज आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मुस्तैदी दिखाते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। हाईवे पर यातायात हुआ प्रभावित, पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एनएच अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। टिप्पर के बीच सड़क पर पलटने के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात बाधित रहा और वाहनों की रफ्तार थम गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से टिप्पर को रास्ते से हटवाया, जिसके बाद यातायात को दोबारा सामान्य किया जा सका। पुलिस ने इस संबंध में दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की ट्रक-टिप्पर चालकों को अपील हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे विशेषकर रात के समय लंबी दूरी की ड्राइविंग के दौरान पूरी सावधानी बरतें। यदि थकान या नींद का अहसास हो, तो वाहन रोककर पर्याप्त आराम करने के बाद ही सफर दोबारा शुरू करें, ताकि इस प्रकार के हादसों से कीमती जान-माल की रक्षा की जा सके।



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