पटियाला में दो प्राचीन पीपल काटने पर भड़के लोग: पंचायत और प्रशासन पर आरोप, बोले-100 से अधिक पक्षियों की तड़पकर मौत – Patiala News

पटियाला में दो प्राचीन पीपल काटने पर भड़के लोग:  पंचायत और प्रशासन पर आरोप, बोले-100 से अधिक पक्षियों की तड़पकर मौत – Patiala News




पटियाला जिले के गांव घरहाली साहिब से पर्यावरण और जीव-जंतु क्रूरता का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव के व्यस्त बस स्टैंड पर खड़े दशकों पुराने दो प्राचीन पीपल के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ों की इस बेरहमी से कटाई के कारण उन पर बने सैकड़ों घोंसले पूरी तरह नष्ट हो गए, जिससे 100 से अधिक बेजुबान पक्षियों और उनके नवजात बच्चों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, ये पीपल के पेड़ कई दशक पुराने थे और न केवल पर्यावरण की दृष्टि से बल्कि धार्मिक रूप से भी लोगों की आस्था से जुड़े हुए थे। रोष जता रहे ग्रामीणों ने सीधे तौर पर गांव की पंचायत को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि कानून और नियमों को ताक पर रखकर इन विशाल पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया है। वन्यजीव विभाग की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए वन्यजीव संरक्षण विभाग (Wildlife Protection Department) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत मौके का मुआयना किया। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरपंच ने जताई अनभिज्ञता, खड़े हुए कई सवाल दूसरी ओर, जब इस पूरे मामले को लेकर गांव के सरपंच से बात की गई तो उन्होंने घटना से साफ पल्ला झाड़ लिया। सरपंच का कहना है कि मुझे नहीं पता कि पेड़ों को किसने और क्यों काटा। घटना के समय मैं अपने खेतों में धान की रोपाई करवा रहा था। हालांकि, सरपंच के इस बयान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सबसे व्यस्त और मुख्य बस स्टैंड पर लगभग सात घंटे तक विशाल पेड़ों को कटर मशीनों से काटा जाता रहा, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या पंचायत प्रतिनिधि को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह बात गले से नीचे नहीं उतरती। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। दोषियों की पहचान के लिए बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पर्यावरण और वन्यजीवों को इतनी बड़ी क्षति पहुँचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



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