धर्मवीर गांधी ने नीट पेपर लीक पर भाजपा को घेरा: कांग्रेस सांसद ने संगरूर में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, नशा रोकने के लिए भांग, अफीम के ठेके खोलने का सुझाव – Sangrur News

धर्मवीर गांधी ने नीट पेपर लीक पर भाजपा को घेरा:  कांग्रेस सांसद ने संगरूर में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, नशा रोकने के लिए भांग, अफीम के ठेके खोलने का सुझाव – Sangrur News




संगरूर में कांग्रेस नेता और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने संगरूर में एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए युवाओं से एकजुट होने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने पंजाब में पारंपरिक नशीले पदार्थों की खेती और बिक्री को लेकर एक बेहद विवादास्पद सुझाव भी दिया। पंजाब कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक चुनावों में हो रही देरी के सवाल पर सांसद ने स्पष्ट किया कि इसमें कोई गतिरोध नहीं है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे और संगठन के भविष्य व नई रूपरेखा पर मिलकर अंतिम फैसला लेंगे। NEET पेपर लीक और बेरोजगारी पर केंद्र पर निशाना सांसद धर्मवीर गांधी ने नीट परीक्षा में हुई धांधली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक होने के सदमे के कारण कुछ छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया है। देश में आज युवा बड़ी-बड़ी डिग्रियां हासिल करने के बाद भी रोजगार के लिए सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने देश की संपत्तियों को इस कदर नुकसान पहुंचाया है कि अब ऐसा कोई आधार या क्षेत्र नहीं बचा है जिसे बेचा न गया हो। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस पार्टी का साथ दें। पारंपरिक नशीले पदार्थों के ठेके खोलने का विवादास्पद सुझाव प्रेस वार्ता के दौरान धर्मवीर गांधी ने पंजाब में नशामुक्ति और राजस्व को लेकर एक लीक से हटकर और विवादित तर्क दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भांग, डोडा और अफीम जैसे पारंपरिक नशीले पदार्थों की मांग बहुत अधिक है और लोग इन्हें पसंद करते हैं। वर्तमान में ये ड्रग्स चोरी-छिपे और बेहद महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं, जिसके कारण इनकी पहुंच स्कूल और कॉलेजों के छात्रों तक आसानी से हो रही है।” सरकारी ठेकों से फायदे का तर्क गांधी ने सुझाव दिया कि यदि सरकार खुद इन पारंपरिक नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए सरकारी ठेके खोल देती है, तो इसके दो बड़े फायदे होंगे। पंजाब सरकार को इससे करोड़ों-अरबों रुपये का वित्तीय लाभ (राजस्व) होगा। ठेके खुलने से नशीले पदार्थों की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।



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