घर में घुसकर सरपंच, पति और ससुर पर हमला: पठानकोट में रिश्तेदारों के जमीनी विवाद में फैसला करवाना पड़ा भारी, 2 महिलाओं सहित 3 नामजद – Pathankot News
पठानकोट के थाना तारागढ़ के अंतर्गत आते गांव जगतपुर में 2 भाइयों का जमीनी विवाद सुलझाने का प्रयास महिला सरपंच को भारी पड़ गया। सरपंच के हस्तक्षेप से नाराज एक पक्ष ने सरपंच के घर में घुसकर लोहे का रॉड और डंडों से हमला कर दिया। जिसमें सरपंच नीतू सैनी, पति अमरजीत सिंह और ससुर सुभाष चंद्र घायल हो गए।
सरपंच के पति अमरजीत की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने शुक्रवार रात 2 महिलाओं सहित 3 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान जगतपुर निवासी जगदीश राज, नेहा और गुरदासपुर निवासी प्रवेश के तौर पर हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार हमला करने वाला जगदीश उसके चाचा का ही बेटा है।
घर के बाहर आकर दी गालियां, रोकने पर किया हमला
पुलिस को दिए बयान में पीड़ित जगतपुर निवासी अमरजीत (45 वर्ष) ने बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है। बीते दिनों शाम करीब 5 बजे वह अपने घर के आंगन में अपने पिता सुभाष चंद्र के साथ बैठकर बातचीत कर रहा था, जबकि उसकी पत्नी नीतू सैनी घर का काम कर रही थी। इसी दौरान अचानक उसके चाचा का लड़का जगदीश राज पुत्र पूरन चंद हाथ में लोहे की रॉड लिए, उसकी पत्नी नेहा और प्रवेश उनके गेट के आगे आए और गाली-गलौज करने लगे।
गेट बंद करना चाहा तो किया हमला
अमरजीत ने पुलिस को बताया कि जब गाली-गलौज बढ़ती देख उसने दौड़कर अपने घर का मुख्य गेट बंद करना चाहा, तो आरोपी जगदीश राज ने अपने हाथ में पकड़ी लोहे की रॉड से उस पर सीधा वार कर दिया। यह वार उसके बाएं हाथ की बीच वाली उंगली पर लगा। इसके बाद जगदीश राज ने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।
बचाने आए पिता और पत्नी (सरपंच) को भी पीटा
पीड़ित ने बताया कि जैसे ही वह जमीन से उठा, आरोपी महिला नेहा ने अपने हाथ में पकड़े डंडे से उस पर 3-4 बार ताबड़तोड़ हमले किए। इसके बाद जगदीश राज ने दोबारा लोहे की रॉड से उस पर वार किया। शोर सुनकर जब अमरजीत की पत्नी नीतू सैनी और उसके वृद्ध पिता सुभाष चंद्र उसे बचाने के लिए आगे आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की।
जब पीड़ितों ने शोर मचाना शुरू किया, तो आरोपी महिला प्रवेश ने गली में से पत्थर उठाकर उनके घर पर बरसाने शुरू कर दिए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीणों और पड़ोसियों को इकट्ठा होता देख सभी आरोपी अपने-अपने हथियारों समेत भागकर अपने घरों में छिप गए।
सरपंच होने के नाते समझौता कराने की रंजिश
घायलों को उनके दोस्त अनिरुद्ध अहूजा निवासी दीनानगर ने तुरंत अपनी गाड़ी से सरकारी अस्पताल पठानकोट पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका मेडिकल कर इलाज शुरू किया। पीड़ित अमरजीत ने बताया कि इस खूनी हमले के पीछे मुख्य वजह पुरानी रंजिश है। दरअसल, आरोपी जगदीश राज का अपने भाई पाल सिंह के साथ जमीन की मेड़ को लेकर विवाद चल रहा था।
चूंकि अमरजीत की पत्नी नीतू सैनी गांव की मौजूदा सरपंच है, इसलिए वह सरपंच होने के नाते दोनों भाइयों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रही थी। इसी बात से खुन्नस खाकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों पर दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद थाना तारागढ़ पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, अमरजीत को 3 चोटें आई हैं। पुलिस ने पीड़ित के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी जगदीश राज, नेहा और प्रवेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 333, और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की अगली तफ्तीश जारी है।
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