चंडीगढ़ के मनीमाजरा-सेक्टर-26 के बीच बनेगा हाई-लेवल ब्रिज: सुखना चोए के बहाव में पिछली बार टूटा कॉजवे; हाईकोर्ट, सचिवालय, लेक पहुंचने होगी आसानी – Chandigarh News
चंडीगढ़ प्रशासन ने मनीमाजरा और सेक्टर-26 को जोड़ने वाले सुखना चोए के पुराने कॉजवे की जगह अब एक नया हाई-लेवल ब्रिज बनाने का फैसला लिया है। करीब 17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह पुल बारिश और बाढ़ के दौरान होने वाली परेशानी से स्थायी राहत देगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पुल सुखना चोए पर बनने वाला शहर का तीसरा हाई-लेवल ब्रिज होगा और इससे मनीमाजरा, पंचकूला, आईटी पार्क और उत्तरी सेक्टरों के बीच आवागमन पहले से अधिक सुगम हो जाएगा। ऐसा होगा नया हाई-लेवल ब्रिज इस ब्रिज की लागत लगभग 17 करोड़ रुपए है। काम शुरू होने के 1 साल में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसकी लंबाई 500 मीटर और चौड़ाई 27 मीटर होगी। इसमें 4 ट्रैफिक लेन, दोनों ओर साइकिल ट्रैक और 2-2 मीटर चौड़े फुटपाथ होंगे। यह सेक्टर-26 के टी-जंक्शन को मनीमाजरा के शास्त्री नगर से जोड़ेगा। बारिश में डूब जाता है मौजूदा कॉजवे सुखना चो पर बना मौजूदा लो-लेवल कॉजवे हर वर्ष भारी बारिश के दौरान पानी में डूब जाता है। इसके कारण चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच संपर्क बाधित हो जाता है और लोगों को लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ता है। साल 2023 के मानसून के दौरान सुखना झील से पानी छोड़े जाने के बाद यह कॉजवे पूरी तरह जलमग्न हो गया था। तेज बहाव के कारण इसकी संरचना को नुकसान पहुंचा और मार्ग कई दिनों तक बंद रखना पड़ा था। हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा यह मार्ग पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क से आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसके अलावा यह सड़क पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हरियाणा सचिवालय, सुखना झील और शहर के उत्तरी सेक्टरों तक पहुंचने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ट्रैफिक जाम कम करने के लिए होंगे विशेष इंतजाम प्रशासन केवल पुल का निर्माण ही नहीं करेगा, बल्कि पूरे ट्रैफिक सिस्टम को भी बेहतर बनाया जाएगा। सेक्टर-26 के मौजूदा टी-जंक्शन को लगभग दो मीटर ऊंचा किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट चौक की ओर जाने के लिए स्लिप रोड बनाई जाएगी। सेक्टर-26 से मनीमाजरा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए फ्री लेफ्ट टर्न लेन विकसित की जाएगी, जिससे जाम की समस्या कम होगी। मास्टर प्लान-2031 का हिस्सा है परियोजना यह परियोजना पहली बार चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित की गई थी। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जलभराव की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट तैयार करवाई। परियोजना को चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की उप-समिति से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। पुल के निर्माण के बाद मनीमाजरा और शहर के अन्य हिस्सों के बीच हर मौसम में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी, वहीं मानसून के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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