अस्पताल में भी वांगचुक का अनशन जारी: उन्हें जंतर-मंतर से उठाने के लिए थाने में हुई रिहर्सल; कल CJP का संसद मार्च, पुलिस बोली- अनुमति नहीं
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नई दिल्ली12 मिनट पहले
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CJP फाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार को जंतर-मंतर से वांगचुक को उठाए जाने के बाद अनशन पर बैठ गए।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक का अनशन अब भी जारी है। उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार कर दिया है। वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आमरण अनशन पर हैं।
शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठ गए।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय से वांगचुक को अस्पताल ले जाने के निर्देश मिले थे। इसके बाद मंदिर मार्ग थाने में अधिकारियों ने रणनीति बनाई और बिना टकराव एक मिनट से कम समय में उन्हें एम्बुलेंस तक पहुंचाने की रिहर्सल की।
18 जुलाई: वांगचुक अस्पताल ले जाए गए, 2 तस्वीरों में घटनाक्रम…

जंतर-मंतर पर पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवानों ने सफेद चादरों से घेरा बनाया और इसी में वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले गए।

पुलिस चादर पर ही वांगचुक को उठाकर एंबुलेंस तक ले गई। फिर सफदरजंग अस्पताल में एडमिट कराया।
CJP बोली- कल संसद मार्च होगा; पुलिस ने कहा- अनुमति नहीं
CJP ने 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर रखा है। CJP फाउंडर दीपके ने कहा कि संसद मार्च हर हाल में होगा। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने दावा किया कि वांगचुक भी मार्च में आएंगे।
हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार CJP ने मार्च की अनुमति नहीं मांगी है। अब आवेदन किया तो भी अनुमति की संभावना कम है। सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले, खासकर संसद व इंडिया गेट के आसपास बीएनएस की धारा 163 लागू होती है। बिना अनुमति मार्च करने वाले हिरासत में लिए जा सकते हैं।
वांगचुक को पोटैशियम की कमी, इलाज के लिए मना रहे डॉक्टर
सफदरजंग अस्पताल के मुताबिक, वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे लाया गया था।
- उनमें डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और अन्य मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के संकेत हैं। डॉक्टर उन्हें इलाज के लिए मना रहे हैं।
- पत्नी गीतांजलि आंगमो ने परिवार की सहमति के बिना इलाज न करने की मांग की है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि ये कदम हाईकोर्ट के निर्देश, वांगचुक की हालत और डॉक्टरों की सलाह पर उठाया है।
- CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि वांगचुक के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने आरोप गलत बताए हैं। इसी बीच, CJP ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग उठा दी।

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सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।


