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- Laddus, Lanterns, Gujiyas – The Craze For Designer Candles
रोशनियों के त्योहार दिवाली पर बाजारों में नए रंग-रूप की डिजाइनर व सुगंधित मोमबत्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। पारंपरिक मोमबत्तियों के स्थान पर अब लड्डू, मोटरसाइकिल, फूल और लालटेन के आकार में बनी मोमबत्तियां और खुशबूदार लैंप लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दुकानदार इन्हें स्पेशल गिफ्ट पैक में भी बेच रहे हैं। त्योहार को लेकर बाजारों में उत्सव सा माहौल है, जहां मिट्टी के दीयों, श्री गणेश-मां लक्ष्मी की मूर्तियों, रंग-बिरंगी लाइटों की लड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामानों की बहुतायत दिख रही है। घरों को सजाने हेतु इन मोमबत्तियों का उपयोग अब सालभर बना रहता है।
मलकां चौक के व्यापारी प्रवीण महेंद्रू ने बताया कि मोमबत्ती बनाने का यह कार्य उनके पिता ने 50-60 साल पहले शुरू किया था। पिता से मिली सीख और आशीर्वाद से वे आज विभिन्न डिजाइनों की आकर्षक मोमबत्तियां बनाकर बेच रहे हैं। इस बार व्यापारियों को बाजार में बेहतर कारोबार होने की पूरी अपेक्षा है।
व्यापारियों राजेश राजा, दीपक महेंद्रू, सूरज महेंद्रू, मोहित और वरदान ने जानकारी दी कि यह एक मांग आधारित कारोबार है। आजकल केवल साधारण मोमबत्तियां ही नहीं, बल्कि रंग-बिरंगी और सजावटी मोमबत्तियों का चलन काफी बढ़ गया है। सफेद मोमबत्तियों को सुंदर रंगों में ढालने के साथ-साथ मिट्टी के दीयों में रंगीन मोम भरकर आकर्षक रूप दिया जा रहा है। विशेष अवसरों पर लोग इन्हें उपहार के रूप में देना भी पसंद करते हैं।
बाजार में ग्राहकों की पसंद के मुताबिक 1 से लेकर 200 तक की विस्तृत रेंज में सजावटी मोमबत्तियां उपलब्ध हैं। उत्पादन प्रक्रिया के बारे में व्यापारियों ने कहा कि मात्र 15 मिनट में तकरीबन 250 मोमबत्तियां तैयार हो जाती हैं। इस बार लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए ‘लालू की लालटेन’, फ्लोटिंग कैंडल, जेल कैंडल और रंग-बिरंगे फूलों वाली विशेष मोमबत्तियां बनाई गई हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं।
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Source: Dianik Bhaskar







