गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर उनके परिवार ने भी विरोध जता दिया है। लॉरेंस बिश्नोई के परिवार ने इस सीरीज के कंटेंट, इसके निर्माण की प्रक्रिया और रिलीज होने के समय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का साफ कहना है कि यह सीरीज न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि न्यायिक प्रणाली और पंजाब की गौरवशाली संस्कृति का भी अपमान करती है। उनका कहना है कि जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक इस पर रोक होनी चाहिए। परिवार का कहना है कि वेब सीरिज बनाने के लिए न तो परिवार से परमिशन ली गई है और न ही सरकार से। लॉरेंस के चाचा रमेश बिश्नोई का कहना है कि फिल्म के प्रोड्यूसर पर इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। बिश्नोई परिवार को क्यों है वेब सीरिज पर एतराज जानिए… राजा वड़िंग ने वेब सीरिज पर प्रतिबंध लगाने मी मांग की इस विवाद ने पंजाब की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस सीरीज के विरोध में सबसे मुखर आवाज उठाई है। वड़िंग का मानना है कि पंजाब पहले से ही नशा और गन-कल्चर जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह का कंटेंट आग में घी डालने का काम करता है। राजा वड़िंग की तरफ से विरोध में उठाए गए कदमों के बारे में पढ़िए… इन संगठनों ने भी दर्ज कराई आपत्ति सिर्फ बिश्नोई परिवार और मुख्य विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि पंजाब के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस सीरीज के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। लुधियाना और अमृतसर स्थित कई स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ जैसे शीर्षक ही राज्य के युवाओं को गलत संदेश देते हैं। इससे पंजाब की पहचान केवल अपराध और गैंगवार से जुड़ने लगती है। शिरोमणि अकाली दल और अन्य क्षेत्रीय दलों के कुछ नेताओं ने भी इस मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि राज्य सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि अगर इस वेब सीरिज में यह भी दिखाया जाए कि आप सरकार ने किस तरह उसका इंटरव्यू जेल में करवाया है तो मानेंगे कि इसमें तथ्य सही हैं। नहीं तो यह पंजाब को बदनाम करने की कोशिश की गई है।
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