फरीदकोट जिले में धान की पराली जलाने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस ने पराली जलाने के आरोप में 12 किसानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें थाना सिटी-2 फरीदकोट पुलिस ने कृषक सतपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।

थाना सदर फरीदकोट पुलिस ने ग्राम हरिएवाला के 11 किसानों सुखमंदर सिंह, रेशम सिंह, अजीत सिंह, मल सिंह, सुखपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, दीपइंद्र सिंह, हरमनदीप सिंह, सरूप सिंह, जगदीश कौर और परमजीत कौर के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं।

दूसरी तरफ, कृषकों को पराली जलाने से रोकने और इसके उचित प्रबंधन हेतु जागरूक करने के मकसद से डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने गांव संधवां और देवीवाला में अन्नदाताओं के खेतों में पहुंचकर उनसे वार्ता की।

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डीसी ने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने के बजाय इसके उचित प्रबंधन के तरीकों को अपनाएं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन की उपजाऊ शक्ति के लिए जरूरी पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं।

पराली जलाने से खेती की बढ़ती है लागत

डीसी ने कहा कि इससे जमीन की सेहत प्रभावित होती है और अन्नदाताओं को अगली फसल हेतु ज्यादा खाद का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक लागत बढ़ती है। इसी बीच डीसी ने किसानों की पराली प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं और सुझाव भी सुने। घटनास्थल पर एसडीएम कोटकपूरा राजिंदर सिंह, पराली प्रबंधन नोडल अफसर डॉ. गुरप्रीत सिंह, कृषि अधिकारी, ब्लॉक कृषि अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कृषक मौजूद रहे।

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Source: Dianik Bhaskar