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परविंदर झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी की विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ मीटिंग हुई।
मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के 23वें दिन परिवार पोस्टमॉर्टम हेतु राजी हो गया। 6 नवंबर को झोटा का चंडीगढ़ PGI में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। हालांकि, अंतिम संस्कार किस दिन किया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं किया गया।
बुधवार (4 नवंबर) को मानसा में परिवार व एक्शन कमेटी की विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ मीटिंग हुई। इसमें CM और DGP के इस्तीफे की मांग को छोड़कर बाकी मांगों पर सहमति बन गई।
सरकार झोटा के परिवार को 2 करोड़ रुपए मुआवजा देगी। उनकी पत्नी को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी।
इसके साथ ही झोटा के पिता और एंटी ड्रग टास्क टीम पर दर्ज केस रद्द होंगे। मानसा में झोटा की प्रतिमा लगाई जाएगी और उनके नाम पर गांव ख्याला में ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा।
वहीं, जेल में बंद लक्खा सिधाना समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई होगी। इसके बाद 5 नवंबर को संगरूर में CM आवास के घेराव का आयोजन स्थगित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
केमिस्ट की शॉप तोड़ने पर 1,200 पर FIR
मानसा पुलिस ने केमिस्ट शॉप तोड़ने के प्रकरण में 1,200 अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बुधवार को मानसा पुलिस ने स्टोर मालिक अश्विनी कुमार की तोड़ी गई दुकान का मलबा हटाया। CBI टीम और पुलिस अफसर जेसीबी मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। ऐसा इस कारण किया, ताकि मौके से सबूत जुटाए जा सकें।
इसके साथ मानसा पुलिस ने मंगलवार को हाईकोर्ट में प्रकरण को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। इसी बीच पुलिस ने बताया कि युवकों के खिलाफ 15 अक्टूबर को ही केस दर्ज कर लिया गया था।
झोटा हत्याकांड में अब तक क्या-क्या हुआ…
- 13 अक्टूबर 2026: मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना में 4 अन्य लोग भी घायल हुए थे। झोटा उस वक्त मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार से कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे।
- 14 अक्टूबर 2026: घटना के अगले दिन आक्रोशित भीड़ ने अश्विनी कुमार के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ कर उसे गिरा दिया और आग लगा दी। इसी दौरान प्रशासन ने अश्विनी के मकान के अगले हिस्से को भी गिराया।
- 14 अक्टूबर 2026: मानसा सिटी-2 थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। पश्चात में उसकी पत्नी नीलम रानी, विपिन गर्ग और लाडी को भी आरोपी बनाया गया।
- 20 अक्टूबर 2026: पंजाब सरकार ने मामले की छानबीन CBI को सौंपने का निर्णय किया। इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात की।
- 21 अक्टूबर 2026: CBI की टीम रात लगभग 12 बजे मानसा पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस से केस की फाइलें और संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। DIG स्तर के अफसर की अगुवाई में छानबीन प्रारंभ की गई।
- 21 अक्टूबर 2026: CBI के साथ चंडीगढ़ की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने घटनास्थल और तोड़े गए मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। दुकान के बाहर और आसपास से फोरेंसिक सैंपल लिए गए। आसपास के दुकानदारों से पूछताछ हुई और दुकान से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर भी कब्जे में लेने की सूचना सामने आई।
- 22 अक्टूबर 2026: CBI ने चंडीगढ़ में नवीन FIR दर्ज कर पड़ताल औपचारिक रूप से अपने हाथ में ली। इसमें हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गईं।
- 22-23 अक्टूबर 2026: CBI ने झोटा के पिता भीम सिंह, पत्नी मनप्रीत कौर और मां अमरजीत कौर के वक्तव्य दर्ज किए। इसके साथ ही अश्विनी कुमार और उसके रिश्तेदार विपिन के घरों की जांच की एवं पड़ोसियों से पूछताछ की।
- 24-25 अक्टूबर 2026: CBI ने नशे की दवाओं की कथित अवैध बिक्री के एंगल से मानसा के दूसरे मेडिकल स्टोरों की भी जांच की। तीन मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया।
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मानसा में मंगलवार सुबह एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा (45) की मेडिकल स्टोर संचालक ने गोली मारकर हत्या कर दी। उन्हें 3 गोलियां मारी गई। इसके अलावा उनके 4 साथियों को भी गोली लगी है। बेटे की मौत के पश्चात मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पढ़ें पूरी खबर
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Source: Dianik Bhaskar







