रेसी सुरक्षा अभियान: आतंकवादी छिपने का ठिकाना उजागर, हथियार और गोला‑बारूद बरामद
Kamal Singh|Newsdesk7
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रेआसी, 4 सितंबर 2026: सुरक्षा बलों ने जम्मू और कश्मीर के रेआसी जिले में महोरे के खटाजी रिज क्षेत्र में एक कथित आतंकवादी गढ़ का पता लगाया, संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक भंडार बरामद किया।
रेसी, 4 सितंबर 2026: सुरक्षा बलों ने जम्मू और कश्मीर के रेसी जिले के महोरे में खटाजी रिज़ क्षेत्र में एक कथित आतंकवादी छिपने का स्थान उजागर किया, संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद की एक बड़ी मात्रा बरामद की।
यह ऑपरेशन भारतीय सेना के 58 राष्ट्रीय राइफल्स, स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) और जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा विशेष खुफ़िया सूचना के आधार पर किया गया, जिसमें वनाच्छादित क्षेत्र में आतंकवादी तत्वों की संभावित मौजूदगी की जानकारी थी।
**गहन तलाशी के दौरान छिपने का स्थान मिला**
अधिकारी बताते हैं कि स्थानीय सेना स्रोतों से मिली खुफ़िया सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने महोरे तहसील के खटाजी रिज़ के कठिन भूभाग में तलाशी अभियान चलाया।
क्षेत्र की विस्तृत खोज के बाद, सुरक्षा कर्मियों ने वह स्थान पाया जिसे अधिकारी एक आतंकवादी छिपने का स्थान बताते हैं और वहां से हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की।
**हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी**
बरामद की गई वस्तुओं में शामिल हैं:
- 140 राउंड AK-47 गोला-बारूद - एक AK-47 मैगज़ीन - 19 राउंड PIKA LMG गोला-बारूद - 25 राउंड 9mm पिस्टॉल गोला-बारूद - एक पिस्टॉल - एक हैंड ग्रेनेड - दवाइयाँ और छह कासेट्स
अधिकारी बताते हैं कि औपचारिक जब्ती मेमो सहित आगे की विवरणी का इंतज़ार है।
**सुरक्षा बलों ने आतंकविरोधी कार्रवाई को तेज किया**
बरामदगी जम्मू डिवीजन के वनाच्छादित और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती सुरक्षा गतिविधियों के बीच आई है।
अधिकारियों ने हाल ही में डोदा, किष्तवार, काठुआ, राजौरी, पूंच, राम्बान, उधमपुर और रेसी सहित कई जिलों में कॉर्डन‑एंड‑सर्च ऑपरेशन किए हैं, जिसमें उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में संदिग्ध आतंकवादियों की आवाजाही के बारे में खुफ़िया सूचना मिली थी।
यह नवीनतम जब्ती दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी आतंकवादी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।
**जांच जारी**
सुरक्षा एजेंसियां अब बरामद सामग्री की जांच कर रही हैं और यह स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं कि इस छिपने के स्थान का उपयोग कौन कर रहा था और क्या हथियार किसी नियोजित आतंकवादी कार्रवाई के लिए थे।
अधिकारी बताते हैं कि जांच जारी है, और ऑपरेशन के दौरान एकत्रित खुफ़िया के आधार पर निकटवर्ती वन क्षेत्रों में आगे की तलाशी भी की जा सकती है।
**बरामदगी का महत्व**
छिपे हुए हथियारों के भंडार से आतंकवादी नेटवर्क को जनसंख्या वाले क्षेत्रों और सुरक्षा निगरानी से दूर हथियार और आपूर्ति संग्रहीत करने की सुविधा मिलती है।
AK-47 मैगज़ीन, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, पिस्टॉल और ग्रेनेड की बरामदगी यह दर्शाती है कि सुरक्षा बल पहाड़ी पट्टी में संभावित समर्थन बुनियादी ढांचे को बाधित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
प्राधिकरण संभावित घुसपैठ, आतंकवादी कर्मियों की आवाजाही और क्षेत्र में निष्क्रिय नेटवर्क को पुनर्जीवित करने के प्रयासों पर भी नजर रखे हुए हैं।
**मुख्य बिंदु**
- महोरे, रेसी में आतंकवादी छिपने का स्थान उजागर किया गया। - 58 राष्ट्रीय राइफल्स, SOG और J&K पुलिस द्वारा संयुक्त ऑपरेशन किया गया। - 140 AK-47 राउंड बरामद किए गए। - 19 PIKA राउंड और 25 राउंड 9mm गोला-बारूद जब्त किए गए। - एक पिस्टॉल, AK-47 मैगज़ीन और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। - तलाशी विशेष खुफ़िया सूचना के आधार पर शुरू की गई। - आगे की जांच और तलाशी ऑपरेशन जारी हैं।