भारी बारिश में मदद माँगने के बाद चलती स्लीपर बस पर नाबालिग लड़की पर समूह बलात्कार का आरोप
Kamal Singh|Newsdesk7
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नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026: ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश के दौरान लिफ्ट माँगने के बाद एक किशोरी को चलती स्लीपर बस के अंदर कथित तौर पर गैंग-रेप किया गया, जिससे सार्वजनिक और निजी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर नए सवाल उठे हैं।
नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026: ग्रेटर नोएडा में तेज़ बारिश के दौरान लिफ्ट मांगने के बाद एक किशोरी को चलती स्लीपर बस के अंदर समूह बलात्कार का आरोप लगाया गया, जिससे सार्वजनिक और निजी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठे हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 अगस्त की रात ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास हुई। उत्तर प्रदेश के मेनपुरी से नोएडा में रिश्तेदारों से मिलने के लिए यात्रा कर रही किशोरी ने अंधेरे और तेज़ बारिश के बीच गलत स्थान पर उतरने की सूचना दी।
**किशोरी ने लिफ्ट माँगी**
पुलिस ने बताया कि बारिश में फँसी लड़की ने पास आती स्लीपर बस को मदद के लिये संकेत किया।
ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे बताया कि वे नोएडा सेक्टर 63 की ओर जा रहे हैं, जहाँ वह जाना चाहती थी, और उसे बस में बैठने की अनुमति दी।
पुलिस ने कहा कि उस समय बस में कोई यात्री नहीं थे। दो आरोपी ने फिर वाहन के चलने के बाद लड़की के साथ यौन शोषण किया।
**यात्रा के दौरान alleged हमला**
पुलिस के विवरण के अनुसार, ड्राइवर और कंडक्टर ने चलती बस के अंदर किशोरी पर हमला किया।
जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे मार डालने की धमकी दी, पुलिस ने कहा। इसके बाद बस दिल्ली की ओर चलती रही, और अंततः किशोरी को कश्मीर गेट के पास छोड़ दिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, बस ने दिल्ली क्षेत्र तक पहुँचने से पहले लगभग 40‑47 किमी की दूरी तय की।
**ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया**
दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों, जिन्हें रिपोर्टों में ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में पहचाना गया है, को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि जांच में सीसीटीवी फुटेज और मानव इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया, और संदिग्धों को टिमरपुर में बस की पार्किंग स्थल तक ट्रेस किया गया।
जांच के हिस्से के रूप में बस को भी पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
**केस POCSO के तहत दर्ज किया गया**
इस मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) अधिनियम की प्रासंगिक धारा के तहत दर्ज किया गया है।
पीड़िता को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जबकि पुलिस ने कहा कि उसका मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग किया गया। उसके बाद उसे उसके परिवार को सौंप दिया गया।
**बस सुरक्षा पर सवाल**
यह मामला यात्रियों वाली बसों के लिए सुरक्षा उपायों के अनुपालन पर भी सवाल उठाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, स्लीपर बस की खिड़कियों पर परदे लगे थे, जिससे बाहर से दृश्यता कम हो सकती थी। वाहन ने कई प्रमुख मार्गों और चौराहों से बिना पुलिस चेकपॉइंट पर रुके गुजरते हुए यात्रा की।
इस घटना ने यह चिंता दोबारा उठाई है कि क्या बसों के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपाय प्रभावी रूप से लागू और मॉनिटर किए जा रहे हैं।
**अधिकार क्षेत्र का मुद्दा उभरा**
केस के अधिकार क्षेत्र को लेकर भी एक नया मुद्दा सामने आया है।
हालांकि alleged हमला ग्रेटर नोएडा/गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में हुआ, दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया क्योंकि लड़की ने कश्मीर गेट पुलिस स्टेशन में संपर्क किया।
रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि क्या दिल्ली पुलिस ने उन्हें इस घटना की सूचना दी, जबकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि केस वहीं दर्ज किया गया क्योंकि पीड़िता ने उसकी अधिकारिता में आया।
**जांच जारी है**
यह मामला सड़क यात्रा में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर फिर से बहस को जन्म दे रहा है, विशेषकर जब बसें बिना यात्रियों के या नियमित मार्गों से बाहर चलती हैं।
जांच जारी है, और आरोपियों के खिलाफ आरोपों की कानूनी प्रक्रिया में जांच की जाएगी।
**मुख्य बिंदु**
- एक किशोरी को चलती स्लीपर बस के अंदर समूह यौन शोषण का आरोप लगाया गया। - यह घटना 4 अगस्त को परी चौक, ग्रेटर नोएडा के पास हुई। - उसने तेज़ बारिश और अंधेरे में लिफ्ट मांगी थी। - ड्राइवर और कंडक्टर ने बस के गंतव्य के बारे में उसे गुमराह किया। - उसे बाद में दिल्ली के कश्मीर गेट के पास छोड़ दिया गया। - दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। - केस को BNS और POCSO अधिनियम के तहत दर्ज किया गया। - इस मामले ने बस सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस चेकपॉइंट पर प्रश्न उठाए हैं।
**SEO विवरण NewsDesk7.com के लिये**
**SEO शीर्षक:** नाबालिग लड़की का चलती बस में समूह बलात्कार: ड्राइवर, कंडक्टर को नोएडा-दिल्ली केस में गिरफ्तार किया गया
**मेटा विवरण:** ग्रेटर नोएडा के पास तेज़ बारिश में लिफ्ट मांगने के बाद एक किशोरी को चलती स्लीपर बस के अंदर समूह बलात्कार का आरोप लगा। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।