सराहनीय कार्य : मंडाला छन्ना में बाढ़ से कहीं फिर टूट न जाए धुस्सी बांध, किसान ने नॉच लगाने के लिए अपनी जमीन दी – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर बरसाती सीजन शुरू होने से ठीक पहले शाहकोट के गांव मंडाला छन्ना में सतलुज नदी के धुस्सी बांध की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यहां नई नॉच लगाने को लेकर लंबे समय से अटका जमीन का विवाद आखिरकार सुलझ गया है। इलाके को बाढ़ से बचाने के लिए स्थानीय किसान गुरमुख सिंह ने जनहित को सबसे ऊपर रखा और अपनी जमीन पर नॉच लगाने की सहमति दे दी। इसके तुरंत बाद ड्रेनेज (नहरी) और राजस्व विभाग की टीमों ने मौके पर पैमाइश शुरू कर दी है। इस गंभीर मुद्दे को सुलझाने में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों ने मुख्य भूमिका निभाई। संत सीचेवाल खुद शाहकोट के तहसीलदार जसपाल सिंह और ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और भूमि की पैमाइश करवाई। विभाग द्वारा तकनीकी सर्वेक्षण कर प्रोजेक्ट का एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। संत सीचेवाल ने संकट की इस घड़ी में समाजहित में फैसला लेने वाले किसान गुरमुख सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि गुरमुख सिंह की लगभग 18 एकड़ उपजाऊ भूमि पहले ही सतलुज के तेज बहाव में तबाह हो चुकी है, इसके बावजूद उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए बाकी बची जमीन का हिस्सा भी नॉच के लिए दे दिया। पिछले वर्ष मानसूनी बारिश में यहां भयंकर भूमि कटाव हुआ था, जिससे धुस्सी बांध टूटने की कगार पर पहुंच गया था। नदी के पानी को बांध से दूर रखने के लिए यह नॉच बनाना तकनीकी रूप से बेहद जरूरी था। नदी से 30 जून तक निकाल सकते हैं मिट्टी संत सीचेवाल ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस वर्ष लगभग 18 करोड़ रुपए खर्च कर बड़े पत्थरों से बांध को मजबूत किया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के लिए ड्रेनेज विभाग द्वारा सफाई कार्य जारी है। सरकार ने आम लोगों को 30 जून तक नदी क्षेत्र से सूखी मिट्टी निकालने की अनुमति दी है, ताकि पानी के रास्ते में कोई रुकावट न आए।
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