जीरकपुर नगर परिषद अध्यक्ष ने पदभार संभाला: अरदास से की शुरुआत, पुराने विकास कार्यों, मास्टर प्लान की समीक्षा के दिए संकेत – Mohali News
मोहाली के जीरकपुर नगर परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह विर्क ने रविवार को आधिकारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उन्होंने शहर के विकास कार्यों, मास्टर प्लान, अतिक्रमण और पुराने प्रोजेक्टों की समीक्षा करने के संकेत दिए हैं, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। अध्यक्ष पद का प्रभार संभालने का कार्यक्रम धार्मिक माहौल में संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ, कीर्तन और अरदास के बाद की गई। इस दौरान डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, जिला योजना बोर्ड के चेयरपर्सन, नगर परिषद के पार्षद और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। विधायक रंधावा ने विर्क को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया और कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य जीरकपुर को एक स्वच्छ, हरित और योजनाबद्ध शहर के रूप में विकसित करना है। बुनियादी सुविधाओं का समाधान और बिना भेदभाव विकास पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरप्रीत सिंह विर्क ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी प्राथमिकता सीवरेज व्यवस्था, बरसाती पानी की निकासी, सफाई, सड़कें और यातायात से जुड़ी समस्याओं का स्थाई समाधान खोजना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर परिषद में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी 31 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराए जाएंगे। विर्क ने कहा कि शहर के विकास में जहाँ भी अनियमितता या गड़बड़ी सामने आएगी, वहाँ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुराने कार्यों की समीक्षा और निष्पक्ष जांच का आश्वासन शहर में कथित बड़े भूमि घोटाले, मास्टर प्लान की अनदेखी और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर पूछे गए सवाल पर विर्क ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। नगर परिषद के सभी पुराने कार्यों की समीक्षा की जाएगी और सरकारी धन के दुरुपयोग या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित होगी। विधायक रंधावा ने दिए गुणवत्ता जांच के निर्देश विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने भी अधिकारियों को शहर में चल रही सीवरेज परियोजनाओं और ड्रेनेज कार्यों की गुणवत्ता की तुरंत जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले प्रत्येक विकास कार्य की जवाबदेही तय होगी और काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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