‘खान सर टीचर नहीं, हवसी…राक्षस है’: गाली-गलौज पर क्यों उतरे खान और रौशन आनंद; 3 फैक्टर्स, कहां तक जाएगी ये लड़ाई – Bihar News

‘खान सर टीचर नहीं, हवसी…राक्षस है’:  गाली-गलौज पर क्यों उतरे खान और रौशन आनंद; 3 फैक्टर्स, कहां तक जाएगी ये लड़ाई – Bihar News




जमानत मिलने के 5 दिन बाद फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने विरोधी टीचर रौशन आनंद, अपने कथित चाचा, कुछ यूट्यूबरों और पत्रकारों को अपशब्द कहे। वहीं, पलटवार करते हुए रौशन आनंद ने खान को हवसी और राक्षस कहा। खान और रौशन आनंद की ये लड़ाई आगे कहां तक जाएगी, दोनों गाली-गलौज पर क्यों उतर गए हैं, क्या पुलिस करेगी जांच, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः फैजल खान का पूरा विवादित बयान क्या है? जवाबः 17-18 जुलाई को खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर फैजल खान उर्फ खान सर का एक पॉडकास्ट आया। जिसमें उन्होंने कई आरोप लगाए हैं और कुछ मौकों पर अमर्यादित भाषा का भी इस्तेमाल किया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए, खान ने क्या-क्या कहा… सवाल-2ः पलटवार करते हुए रौशन आनंद ने फैजल खान पर क्या गंभीर आरोप लगाए? जवाबः भाई दिवंगत प्रिंस यादव को लेकर खान के लगाए गए आरोप पर रौशन आनंद भड़क गए। उन्होंने फैजल खान पर पलटवार किया। रौशन आनंद ने कहा- ‘हमने आपको चेताया था कि आप व्यक्तिगत मत होइए, आप व्यक्तिगत हो गए हैं। अब हम भी व्यक्तिगत होंगे। आप शिक्षक नहीं है आप शिक्षक के भेष में राक्षस हैं। जो अपने जीवन के शुरुआती दौर में अपनी छात्राओं को आपने हवस का शिकार बनाया हो, वो कभी शिक्षक हो ही नहीं सकता है, वो राक्षस है।’ खान के कैरेक्टर पर सवाल उठाते हुए रौशन आनंद ने कहा, ‘क्या आपने वंदना नाम की लड़की का जीवन बर्बाद नहीं किया है? क्या आपने उसनारा, आरती, अमृता नाम की लड़की का जीवन बर्बाद नहीं किया है? क्या आप हर सैटरडे-संडे को हाजीपुर के अनामिका होटल नहीं जाते थे?’ सवाल-3ः दोनों के बीच की यह लड़ाई खत्म क्यों नहीं हो रही? जवाबः फैजल खान और रौशन आनंद के बीच की यह लड़ाई ईगो, क्रेडिट वार से लेकर मार्केट पर कब्जा करने की है। यह अभी खत्म नहीं होगी, बल्कि लंबी चलेगी। इसके पीछे 3 बड़े कारण हैं… 1. 15 हजार करोड़ से ज्यादा का सालाना बाजार पटना का मुसल्लहपुर हाट और नया टोला का इलाका बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में वन-डे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स (जैसे- दरोगा, सिपाही, BSSC, रेलवे) का सबसे बड़ा हब है। 2023 की शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में 12,736 प्राइवेट कोचिंग संस्थाओं में 10 लाख से अधिक स्टूडेंट पढ़ रहे थे। उसके बाद से यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 2. सोशल मीडिया पर परसेप्शन वार खान की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर है, वहीं रौशन आनंद का बिहार के स्टूडेंट्स के बीच मजबूत आधार है। इस विवाद के बाद स्टूडेंट्स दो हिस्सों में बंट गए हैं। 3. भाई की मौत से पर्सनल हुई लड़ाई इस विवाद की सबसे दुखद बात है कि रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। रौशन आनंद ने जेल से बाहर आते ही सीधे खान पर मौत की साजिश रचने का आरोप लगाया है। सवाल-4ः क्या रौशन आनंद के आरोपों पर पुलिस खान पर कार्रवाई कर सकती है? जवाबः रौशन आनंद लड़कियों का नाम लेकर फैजल खान पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में पटना पुलिस चाहे तो खान पर कार्रवाई कर सकती है। पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट सर्वदेव सिंह कहते हैं, ‘खान का बयान काफी आपत्तिजनक है। रौशन आनंद ने जो आरोप लगाए हैं, वह गंभीर है। इसमें पुलिस को बिना इंतजार के तुरंत FIR करनी चाहिए और जांच शुरू कर देनी चाहिए।’ अब इसे कानून की नजर से ऐसे समझिए… पटना पुलिस चाहे तो इन 2 केस से ले सकती है सीख 1. तरुण तेजपाल केसः मीडिया रिपोर्ट के आधार पर FIR पुलिस के स्वतः संज्ञान लेने का सबसे बड़ा उदाहरण है- तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल का केस। नवंबर 2013 में तरुण तेजपाल की साथी महिला सहकर्मी ने गोवा के एक होटल में लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 2. बॉयज लॉकर रूम केसः सोशल मीडिया पोस्ट पर एक्शन मई 2020 में इंस्टाग्राम पर एक सीक्रेट ग्रुप ‘बॉयज लॉकर रूम’ का मामला सामने आया था। जिसमें स्कूली लड़के लड़कियों की तस्वीरों को मॉर्फ करके उनके उत्पीड़न और बलात्कार को लेकर बेहद आपत्तिजनक बातें करते थे।



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