अब चंडीगढ़ में 79 कमर्शियल प्रॉपर्टीज की ई-नीलामी: देश का कोई भी नागरिक कर सकता है अप्लाई, तीन सेक्टरों में हैं बूथ – Chandigarh News
चंडीगढ़ में अगर आप व्यापार या निवेश की प्लानिंग कर रहे है तो चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) आपके लिए ऑप्शन बन सकता है। क्योंकि बोर्ड ने लीजहोल्ड आधार पर 79 खाली कमर्शियल प्रॉपर्टीज की ई-ऑक्शन करने जा रहा है। इन प्रॉपर्टीज में बिल्ट-अप बूथ शामिल हैं। ये प्रॉपर्टीज शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित हैं। आज यानी 15 जुलाई से ईएमडी जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रत्येक प्रॉपर्टी के लिए अलग-अलग बोली लगाई जाएगी। यह नीलामी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ( जेम पोर्टल) के माध्यम से आयोजित की जा रही है। 33 साल के लिए यह प्रॉपर्टी दी जाएगी। ऑक्शन में शामिल होने के लिए चार प्वाइंट जरूरी ऑक्शन में कोई भी भारतीय कर सकता है आवेदन 1. इस नीलामी प्रक्रिया में देश का कोई भी नागरिक, या 18 वर्ष से अधिक उम्र के एनआरआई (NRI) और पीआईओ (PIO) इस नीलामी में भाग ले सकते हैं। 2. चंडीगढ़ प्रॉपर्टी को भी कर पाएंगे आवेदन जिन व्यक्तियों के पास चंडीगढ़ में पहले से कमर्शियल प्रॉपर्टी है, वे भी इस नीलामी में भाग ले सकते हैं। इच्छुक सभी लोगों को GeM पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। 3. पार्टनशिप में भी कर सकते हैं आवदेन किसी अन्य व्यक्ति, पार्टनरशिप फर्म, कंपनी या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) की ओर से भी बोली लगाई जा सकती है। हालांकि, सफल घोषित होने पर अलॉटमेंट लेटर जारी होने से पहले बोर्ड को आवश्यक ऑथराइजेशन जमा कराना होगा, अन्यथा ईएमडी जब्त कर ली जाएगी। बोली जीतने के बाद इन बातों का रखें ध्यान 25 प्रतिशत राशि पांच दिन में जमा करानी होगी
सफल बोलीदाता को ई-नीलामी समाप्त होने के पांच कार्य दिवस (वर्किंग डे) के भीतर ईएमडी समायोजित करने के बाद कुल बोली राशि का 25 प्रतिशत जमा करना होगा। तय समय में भुगतान नहीं करने पर ईएमडी जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को भविष्य की नीलामियों से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। 90 दिन में 75 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी
अलॉटमेंट एक्सेप्टेंस लेटर जारी होने के 90 दिनों के भीतर शेष 75 प्रतिशत राशि जमा करना अनिवार्य होगा। समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा और जमा की गई पूरी राशि जब्त कर ली जाएगी। टीडीएस भी जमा कराना होगा
यदि बूथ की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक होती है, तो खरीदार को आयकर अधिनियम की धारा 194-IA के तहत 1 प्रतिशत टीडीएस काटकर जमा करना होगा और इसकी रसीद सीएचबी को देनी होगी। सालाना ग्राउंड रेंट भी देना होगा
अलॉटमेंट के बाद वार्षिक ग्राउंड रेंट भी देना होगा। पहले 33 वर्षों तक बोली राशि का 2.5 प्रतिशत, अगले 33 वर्षों तक 3.75 प्रतिशत और अंतिम 33 वर्षों तक 5 प्रतिशत ग्राउंड रेंट देना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर पहले वर्ष 25 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 50 प्रतिशत, तीसरे वर्ष 75 प्रतिशत और चौथे वर्ष से 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
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