ट्विशा केस: गिरिबाला-समर्थ का फिर वॉयस सैंपल देने से इनकार: CBI बोली- भोपाल AIIMS ने भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने से मना किया, आरोपियों की रिमांड बढ़ी – Bhopal News
भोपाल46 मिनट पहले
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ट्विशा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में मंगलवार को भोपाल जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। CBI ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों- गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने वॉयस सैंपल नहीं दिया है। भोपाल AIIMS ने भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने से मना किया है।
वहीं, गिरिबाला सिंह के वकील विनोद जॉर्ज करलो ने कहा कि उनके मुवक्किलों ने कभी भी वॉयस सैंपल देने से इनकार नहीं किया। CBI टीम के जेल पहुंचने पर गिरिबाला की तबीयत खराब थी, फिर भी उन्होंने दो बार सैंपल दिया। तीसरी बार स्वास्थ्य कारणों से अगले दिन सैंपल लेने का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा- समर्थ सिंह भी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। CBI जब चाहे, उनका वॉयस सैंपल ले सकती है। उनकी आपत्ति केवल प्रक्रिया को लेकर है। सैंपल के लिए दी जाने वाली ट्रांसक्रिप्ट पहले रिकॉर्ड की गई ट्रांसक्रिप्ट से अलग होनी चाहिए, ताकि सैंपलिंग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।
इसके बाद CBI ने गिरिबाला और समर्थ की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की, इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

तस्वीर 2 जून की है, जब गिरिबाला को कोर्ट में पेश किया गया था।
भोपाल AIIMS ने कहा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट CBI को दे दी, अलग से नहीं देंगे
सुनवाई के दौरान ट्विशा पक्ष के वकील शुभांग दीक्षित ने बताया कि 6 जुलाई को CBI आरोपियों के सैंपल लेने पहुंची थी। समर्थ सिंह ने वॉयस सैंपल देने से साफ इनकार कर दिया जबकि गिरिबाला सिंह ने एक बार सैंपल दिया लेकिन दोबारा सैंपल नहीं दिया।
कोर्ट में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। वकील शुभांग दीक्षित के मुताबिक, भोपाल AIIMS ने अदालत को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उससे जुड़े सभी दस्तावेज पहले ही CBI को सौंपे जा चुके हैं। इसलिए अलग से रिपोर्ट नहीं दी जाएगी। वहीं, दिल्ली AIIMS की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
दोनों आरोपियों की पेशी इस बार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। अदालत परिसर में भीड़, मीडिया की मौजूदगी और सुरक्षा कारणों को देखते हुए आरोपियों के वकीलों ने वीसी के माध्यम से पेशी कराने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

सीन रिक्रिएशन करने CBI टीम 1 जून को गिरिबाला सिंह के घर डमी लेकर पहुंची थी।
दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनी अहम साक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कुछ वैज्ञानिक निष्कर्ष दर्ज हैं, जिन्हें CBI अपनी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देख रही है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

CBI को 60 दिन में चालान पेश करना है
CBI ने 25 मई 2026 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच की 60 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने से पहले एजेंसी चालान पेश कर सकती है। यदि तय समय-सीमा के भीतर चालान दाखिल नहीं होता है, तो आरोपी पक्ष कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है।
12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर CBI अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
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