बीपीईओ के 17 पद स्वीकृत; 7 भरे, 10 पड़े हैं खाली – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर सरकारी प्राइमरी स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों (बीपीईओ) की कमी से प्रभावित हो रही है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में बीपीईओ के 228 स्वीकृत पदों में से 107 पद खाली हैं। यानी करीब 46.93 फीसदी पद रिक्त हैं। इसका असर स्कूलों के प्रशासनिक कार्यों के साथ शिक्षकों से जुड़े कई जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है। जालंधर स्थिति राज्य के औसत से अधिक गंभीर है। जिले में बीपीईओ के 17 स्वीकृत पद हैं, जिनमें केवल 7 पर अधिकारी तैनात हैं, जबकि 10 पद खाली हैं। यानी जिले में 58.82 फीसदी पद रिक्त हैं। खाली पदों के कारण कई ब्लॉकों का काम अतिरिक्त प्रभार के सहारे चल रहा है। डीटीएफ के जिला नेता अवतार लाल के अनुसार जालंधर के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। जहां दो ब्लॉकों के लिए अलग-अलग बीपीईओ होने चाहिए, वहां कई जगह एक ही अधिकारी दोनों ब्लॉकों का काम देख रहा है, जबकि कई ब्लॉकों में नियमित बीपीईओ ही नहीं हैं। उनका कहना है कि अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक अधिकारी को तीन से चार ब्लॉकों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर एक बीपीईओ के अधीन 60 से 70 सरकारी प्राथमिक स्कूल आते हैं। स्कूलों का निरीक्षण करने के अलावा शिक्षकों की वेतन संबंधी फाइलें, सर्विस बुक का रखरखाव, रिकॉर्ड अपडेट करना, इंक्रीमेंट, छुट्टियों की मंजूरी और अन्य प्रशासनिक कार्य भी बीपीईओ की जिम्मेदारी होती है। अधिकारियों की कमी के कारण इन कार्यों में देरी हो रही है। उनके मुताबिक इसका असर शिक्षकों पर भी पड़ रहा है और वेतन, सर्विस बुक या अन्य कार्यालयी कामों के लिए उन्हें कई बार ब्लॉक शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अवतार लाल का कहना है कि कई जगह प्रशासनिक कार्यों के लिए वरिष्ठ शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जा रही है। इससे शिक्षकों का समय दफ्तर के काम में लग जाता है और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। डीटीएफ के जारी आंकड़ों के अनुसार मानसा और रूपनगर ऐसे जिले हैं, जहां बीपीईओ का एक भी नियमित अधिकारी तैनात नहीं है। मानसा में पांचों और रूपनगर में सभी 10 पद खाली हैं। वहीं होशियारपुर में 21 में से 19, बठिंडा में 7 में से 6, अमृतसर में 15 में से 8 और लुधियाना में 19 में से 5 पद रिक्त हैं। दूसरी ओर फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और मोगा ऐसे जिले हैं, जहां सभी स्वीकृत पद भरे हुए हैं। डीटीएफ ने मांग की है कि प्राइमरी स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने और शिक्षकों पर बढ़ रहे प्रशासनिक बोझ को कम करने के लिए बीपीईओ के रिक्त पदों को जल्द से जल्द प्रमोशन या सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाए।
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