36 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट करने को मजबूर डॉक्टर: FAIMA की नई रिपोर्ट में खुलासा, स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य केंद्र

36 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट करने को मजबूर डॉक्टर:  FAIMA की नई रिपोर्ट में खुलासा, स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य केंद्र


5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

हाल ही में फेडरेशन ऑफ इंडिया मेडिकल एसोसिएशन का एक ऐसा सर्वे सामाने आया है जो डॉक्टरों की लंबी शिफ्ट और काम के बीच डॉक्टर्स के दर्द को बयां करता है। 1,260 रेजिडेंट डॉक्टरों के ऑनलाइन सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,260 रेजिडेंट डॉक्टरों ने इस गुमनाम ऑनलाइन सर्वे में भाग लिया। सर्वे के नतीजे चिंताजनक रहे। लगभग 87.5% प्रतिभागियों ने माना कि उन्हें अक्सर या कभी-कभी बर्नआउट के लक्षण महसूस होते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कई युवा डॉक्टरों को 24 से 36 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। इस दौरान उन्हें ठीक से बैठकर खाना खाने या थोड़ी देर आराम करने का भी मौका नहीं मिलता। नींद पूरी न होने और लगातार काम करने का सीधा असर उनके शरीर और दिमागी हालत पर पड़ रहा है।

FAIMA ने अपने बयान में खुले तौर पर कहा है कि काम का यह जानलेवा बोझ अब डॉक्टरों के लिए एक भयानक हकीकत बन चुका है, जिसे सिस्टम नजरअंदाज कर रहा है।

QuoteImage

This survey was conducted by #FAIMA among resident doctors across India as part of the FAIMA Resident Mental Health Survey (RMS) 2.0, following the successful FAIMA RMS 1.0, which saw participation from nearly 2,000 resident doctors.A total of 1,260 resident doctors… pic.twitter.com/53VxGnRQs2— FAIMA Doctors Association (@FAIMA_INDIA_) June 27, 2026

QuoteImage

मेडिकल स्टूडेंट की परेशानी भी कम नहीं ये परेशानी सिर्फ अस्पतालों तक ही सीमित नहीं है। जो छात्र डॉक्टर बनने का सपना लिए कोचिंग सेंटरों में जा रहे हैं, उनकी हालत भी कुछ कम खराब नहीं है। मेडिकल की तैयारी कराने वाले कई बड़े कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

QuoteImage

₹6,195 examination fee. 7–8 hours inside the exam centre. Zero ventilation. Non-functional AC in 40°C heat.FMGE candidates at Noida Sector 62 and at multiple centers reportedly had to endure suffocating conditions, with some students feeling dizzy and fainting during the exam.… pic.twitter.com/5znSw5uUxx— FAIMA Doctors Association (@FAIMA_INDIA_) June 28, 2026

QuoteImage

रिपोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि कई कोचिंग सेंटर तंग बेसमेंट में चल रहे हैं, जहां न तो आग लगने पर बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता है और न ही हवा आने-जाने का सही इंतजाम। लाखों रुपये की भारी-भरकम फीस वसूलने के बावजूद छात्रों को ऐसी खतरनाक और घुटन भरी जगहों पर घंटों बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।

संगठन ने शिक्षा मंत्रालय से सख्त अपील की है कि वे तुरंत इस मामले में दखल दें और छात्रों की जिंदगी से हो रहे इस खिलवाड़ को रोकें।

FMG काउंसलिंग ने बढ़ाया तनाव

रेजीडेंट डॉक्टरों और छात्रों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। सिस्टम की लेटलतीफी उनका करियर और दिमागी सुकून दोनों खराब कर रही है। फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) की इंटर्नशिप में होने वाली देरी पूरे हेल्थकेयर सिस्टम पर बुरा असर डाल रही है।

समय पर ट्रेनिंग न मिलने से युवा डॉक्टरों का भविष्य अधर में लटक जाता है। सुपर स्पेशियलिटी (NEET SS) काउंसलिंग में हो रही बेवजह की देरी ने युवा डॉक्टरों के बीच मानसिक तनाव काफी बढ़ा दिया है। अनिश्चितता, नींद की कमी और काम का भारी बोझ डॉक्टरों के वर्क-लाइफ बैलेंस को पूरी तरह से तबाह कर चुका है, जिससे उनमें डिप्रेशन और एंग्जाइटी तेजी से बढ़ रही है।

प्रशासनिक काम को बढ़ता बोझ

सर्वे में हिस्सा लेने वाले डॉक्टरों ने अस्पतालों में स्टाफ की भारी किल्लत भी बताई। जरूरत के हिसाब से डॉक्टर और नर्स मौजूद न होने की वजह से मौजूद रेजीडेंट डॉक्टरों पर काम का बोझ दोगुना-तिगुना हो जाता है।

हैरानी की बात यह है कि इन डॉक्टरों को सिर्फ मरीजों का इलाज ही नहीं करना होता, बल्कि कई ऐसे प्रशासनिक काम भी करने पड़ते हैं जिनका इलाज से कोई सीधा लेना-देना नहीं होता।

सिर्फ डॉक्टर नहीं, मरीज भी हैं खतरे में

इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस सब में डॉक्टर सिर्फ अपनी सेहत नहीं खोता, बल्कि इससे मरीजों की सुरक्षा भी दांव पर लग जाती है। अगर लगातार कई घंटों से जाग रहा डॉक्टर इलाज कर रहा है, तो गलती की आशंका बढ़ सकती है।

संगठन का मानना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए तो इसका सीधा असर देश की स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

ये खबर भी पढ़ें

महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, कल एग्जाम होना था:सरकार ने परीक्षा रद्द की, पेपर ठाणे से बरामद; सरकारी टीचर्स के लिए ये परीक्षा जरूरी

महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। एग्जाम रविवार को होना था। महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने इसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी है। नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *