अन-शेड्यूल पावर कट पर पंजाब में घमासान: लुधियाना में आधी रात बिजली दफ्तर में धरना; भाजपा-कांग्रेस के निशाने पर AAP – Ludhiana News

अन-शेड्यूल पावर कट पर पंजाब में घमासान:  लुधियाना में आधी रात बिजली दफ्तर में धरना; भाजपा-कांग्रेस के निशाने पर AAP – Ludhiana News




पंजाब में बारिश न होने और बढ़ती गर्मी के कारण लगातार बिजली की डिमांड बढ़ रही है। बिजली डिमांड 16 हजार मेगावाट के आसपास चल रही है। ऐसे में पंजाब भर में अनशेड्यूल पावर कट लग रहे हैं। पावरकट से लोग इतने परेशान हैं कि उन्होंने बिजली दफ्तरों को घेरना शुरू कर दिया। वहीं दूसरी तरफ अनशेड्यूल पावर कट से इंडस्ट्रिलिस्ट व किसान भी परेशान हैं। उधर, विपक्ष ने पावर कट पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरना शुरू कर दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों व कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आप सरकार को पावर मैनेजमेंट पर फेल करार दिया। लुधियाना में आधी रात को पार्षद गौरव भट्‌टी व आम लोगों ने फोकल प्वाइंट बिजली दफ्तर का घेराव किया। लोगों का कहना है कि रोजाना रात को और तड़के चार से छह घंटे के बिजली कट लग रहे हैं। दिन में भी घंटों बिजली गायब है। लोगों का आरोप है कि पावरकॉम का कंप्लेंट नंबर 1912 पर शिकायत करो तो कोई फोन नहीं उठाता। स्थानीय अधिकारी भी न तो लोगों के फोन उठा रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधियों के। अफसरों के रवैये से नाराज लोगों को बिजली दफ्तर का घेराव करना पड़ा। रोष मार्च निकालकर दफ्तर पहुंचे लोग सैक्टर 32, राजीव गांधी कॉलोनी, संजय गांधी कॉलोनी व आसपास के एरिया में बिजली कट से परेशान लोगों एकत्रित हुए और उन्होंने पावरकॉम दफ्तर तक आधी रात में रोष मार्च निकाला। लोगों का कहना है कि पावरकॉम के अफसर फोन नहीं उठा रहे हैं। वो अपनी शिकायत लेकर जाए तो कहां जाएं। रात को बिजली कट के कारण लोग सो नहीं पा रहे पार्षद गौरव भट्‌टी ने कहा कि पूरे लुधियाना में रात के समय कट लग रहे हैं। रात के कट के कारण लोग सही से सो भी नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा कई इलाकों में सुबह कट लग रहे हैं और लोग पानी भी नहीं भर पा रहे। उन्होंने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो चीफ इंजीनियर दफ्तर का घेराव किया जाएगा। लुधियाना में बिजली कट से इंडस्ट्री परेशान टेक्सटाइल एंड कंबाइंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान अरविंद राय का कहना है कि रात को अक्सर बिजली गुल हो रही है जिसकी वजह से इंडस्ट्री रात की शिफ्ट में काम नहीं कर पा रही है। उनका कहना है कि रात को अगर लेबर को बुलाते हैं तो अचानक बिजली कट लग रहे हैं और कई छह से आठ घंटे बिजली बंद रहती है। ऐसे में लेबर फ्री रहती है। उनका कहना कि पावरकॉम इंडस्ट्री को कट का शेड्यूल दे दे इंडस्ट्री उस हिसाब से अपनी शिफ्ट प्लान कर देगी। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री बिजली कट की वजह से प्रोडक्शन नहीं कर पा रही है। आज सुबह 16 हजार मेगावाट के पार पहुंची डिमांड पंजाब में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार सुबह सात बजे ही बिजली की डिमांड 16 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। अभी भी बिजली की डिमांड 15500 मेगावाट के आसपास चल रही है। पंजाब में बिजली का उत्पादन 5500 मेगावाट के आसपास चल रहा है। ऐसे में पावरकॉम को डिमांड पूरी करने के लिए केंद्रीय पूल से 10 हजार या उससे ज्यादा मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ रही है। किसानों को नहीं मिल रही: केवल सिंह ढिल्लों भाजपा के प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब सरका दावा कर रही है कि पंजाब बिजली सरप्लस है और किसानों को दिन में आठ घंटे बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के ये दावे पूरी तरह से झूठे हैं। किसानों को बिजली नहीं मिल रही है और किसान डीजल फूककर जनरेटर चलाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी लागत में भारी वृद्धि हो रही है। बिजली के लिए ग्रिडों के बाहर लगाए जा रहे धरने ‘बिजली सरप्लस पंजाब’ के सरकारी दावों की पूरी तरह पोल खोल रहे हैं। बिजली संकट का समाधान करें सीएम कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब धान के महत्वपूर्ण सीजन के दौरान बिजली संकट से जूझ रहा है और सीएम शासन के बजाय स्टेज शो और मिलनी कार्यक्रम कर रही है। उन्होंने कहाक पंजाब को किसी कलाकार की नहीं बल्कि मुख्यमंत्री की जरूरत है। राजा वडिंग ने कहा कि सीएम सरकार चलाइए, स्टेज नहीं। बिजली संकट का समाधान कीजिए, सुर्खियों को मैनेज मत कीजिए। किसानों को बिजली चाहिए, उद्योगों को बिजली चाहिए, और लोगों को नतीजे चाहिए, कोई दूसरा प्रचार कार्यक्रम नहीं। पंजाब में पावर जनरेशन की स्थिति पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांटों की क्षमता 2300 मेगावाट बिजली पैदा करने की है जबकि इनमें 1563 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। इसी तरह प्राइवेट थर्मल प्लांटों की क्षमता 3380 मेगावाट है और इनमें 2936 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। वहीं बाकी की बिजली हाइड्रो, सोलर प्लांटों व अन्य साधनों से पैदा की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से पंजाब में बिजली की डिमांड लगातार 15 हजार मेगावाट के आसपास चल रही है।



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