चंडीगढ़ में श्री प्रणामी मंदिर का चोरी दानपात्र मिला: अंदर से ₹10 हजार गायब, मदिंर की दीवार के पास फैंका, नहीं पता चला चोर का – Chandigarh News

चंडीगढ़ में श्री प्रणामी मंदिर का चोरी दानपात्र मिला:  अंदर से ₹10 हजार गायब, मदिंर की दीवार के पास फैंका, नहीं पता चला चोर का – Chandigarh News




चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित जीरी मंडी के पास श्री प्रणामी मंदिर से कुछ दिन पहले चोरी हुआ दानपात्र बरामद हो गया है। मंदिर की दीवार के बाहर दानपात्र टूटा हुआ पड़ा मिला। हालांकि, उसके अंदर रखी करीब 10 हजार रुपये की नकदी गायब थी। घटना के बाद आसपास के इलाके में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नही लग पाया है। गोलक में थे श्रद्धालुओं के दान के रुपए मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार गोलक में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करीब 10 हजार रुपए जमा थे। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं और दान स्वरूप राशि गोलक में डालते हैं। प्रबंधन का कहना है कि चोरी रात के समय में हुई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी मंदिर परिसर में किस रास्ते से दाखिल हुए। मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोर या तो दीवार फांदकर अंदर पहुंचे होंगे या फिर किसी अन्य रास्ते का इस्तेमाल किया होगा। मंदिर का छोटा प्रवेश द्वार सड़क की ओर है, जबकि परिसर चारदीवारी से घिरा हुआ है। भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं सेक्टर-39 स्थित श्री प्रणामी मंदिर के पुजारी मदन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मंदिर से चोरी हुआ दानपात्र तो बरामद हो गया, लेकिन उसमें रखी करीब 10 हजार रुपये की नकदी गायब है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। पुजारी मदन ने कहा मंदिर में श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ दान करते हैं। यह पैसा किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भगवान की सेवा, मंदिर के रखरखाव और धार्मिक कार्यों में लगाया जाता है। ऐसे में दानपात्र से चोरी होना केवल पैसों की चोरी नहीं, बल्कि लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं रहा। कुछ लोग अपनी मौज-मस्ती और गलत आदतों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता अपना रहे हैं, जो समाज के लिए बेहद चिंता का विषय है। पुजारी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आसान तरीके से पैसा कमाने या गलत संगत में पड़कर अपराध करने के बजाय मेहनत, ईमानदारी और खेलों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर ले जाते हैं, जबकि अपराध का रास्ता केवल बर्बादी की ओर ले जाता है।



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