सावधान… गर्मी में डॉग्स में टिक फीवर और स्किन इंफेक्शन के मामले बढ़े, रोजाना 4 से 5 केस आ रहे… – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर शहर में बढ़ती गर्मी और उमस का असर अब पालतू डॉग्स की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। वेटनरी डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों टिक फिवर, फ्लीस, स्किन इंफेक्शन और हीट स्ट्रेस से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। गर्म मौसम के कारण कई डॉग्स की भूख कम हो रही है, वे सुस्त रहने लगे हैं और कुछ नस्लों में सांस लेने संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में डॉग्स को राहत पहुंचाने के लिए मालिक कई बार ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होती हैं। बार-बार नहलाना, नहलाने के बाद शरीर को पूरी तरह न सुखाना, जरूरत से ज्यादा बाल कटवा देना और नियमित ग्रूमिंग की अनदेखी करना स्किन संबंधी बीमारियों का कारण बन रहा है। शहर के विभिन्न वेटनरी क्लीनिकों में रोजाना औसतन 4 से 5 स्किन प्रॉब्लम और 2 से 3 टिक फीवर के मामले सामने आ रहे हैं। खासकर पग और शिहत्जू जैसी फ्लैट नोज नस्लों में हीट स्ट्रेस अधिक देखा जा रहा है। इनमें अत्यधिक हांफना, सांस लेने में परेशानी और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। गर्मियों में डॉग्स के शरीर, कानों, गर्दन, पंजों और पूंछ के आसपास रोजाना जांच करनी चाहिए। यदि कहीं टिक दिखाई दें तो उन्हें जल्दबाजी में खींचकर नहीं निकालना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर की सलाह पर ही एंटी-टिक शैंपू और अन्य उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। डॉग्स को सप्ताह में एक बार शैंपू से नहलाना पर्याप्त है। ज्यादा नहलाने से त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है और एलर्जी व खुजली की समस्या बढ़ सकती है। नहलाने के बाद तौलिए या पेट ड्रायर से शरीर को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है, नमी से फंगल इंफेक्शन हो सकता है। डॉ. बेदी के अनुसार बाहर से लौटने के बाद डॉग्स के पंजों और शरीर की सफाई करनी चाहिए। उनके रहने की जगह साफ और हवादार होनी चाहिए और पीने के लिए हमेशा ताजा पानी उपलब्ध होना चाहिए। यदि डॉग लंबे समय तक सुस्त रहे, खाना कम खाए, जरूरत से ज्यादा हांफे या बुखार जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। खानपान को लेकर भी विशेष सावधानी की जरूरत है। डॉग्स को ताजा और हल्का भोजन देना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीमित मात्रा में दही भी आहार में शामिल किया जा सकता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है। 1. गोल्डन रिट्रीवर में फंगल इंफेक्शन चार वर्षीय गोल्डन रिट्रीवर को गर्मी से राहत देने के लिए हर दो दिन में नहलाया जा रहा था, लेकिन उसके घने बाल पूरी तरह नहीं सुखाए जाते थे। लगातार नमी के कारण उसकी त्वचा में फंगल इंफेक्शन, खुजली और बदबू की समस्या हो गई। जांच में हॉट स्पॉट और स्किन एलर्जी की पुष्टि हुई। 2. बासी खाना खाने से बिगड़ी तबीयत दो वर्षीय इंडी डॉग ने सुबह दिया गया खाना देर शाम तक खुले में रखा होने के बाद खा लिया। गर्मी में खराब हो चुके भोजन के कारण उसे उल्टी, दस्त और सुस्ती की शिकायत हुई। जांच में गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल इंफेक्शन सामने आया। 3. लैब्राडोर को हुआ टिक फिवर… पांच वर्षीय लैब्राडोर में अचानक बुखार, कमजोरी और भूख कम लगने के लक्षण दिखाई दिए। जांच के दौरान उसके शरीर पर बड़ी संख्या में टिक्स मिले। ब्लड टेस्ट में टिक फीवर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। 4. ज्यादा ट्रिमिंग से बढ़ी परेशानी… मॉडल टाउन के एक परिवार ने अपने तीन वर्षीय शिहत्जू के बाल बहुत छोटे कटवा दिए। कुछ दिनों बाद उसकी त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली और जलन शुरू हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक डबल कोट वाले डॉग्स के बाल उन्हें धूप और गर्मी से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं। डॉजीएस बेदी, सीनियर वेटनरी डॉक्टर
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