पठानकोट में 86.06% वोटरों की मैपिंग पूरी: SSIR का दूसरा चरण शुरू, भोआ में सबसे ज्यादा हुई मैपिंग, शहरी इलाका सबसे पीछे – Pathankot News

पठानकोट में 86.06% वोटरों की मैपिंग पूरी:  SSIR का दूसरा चरण शुरू, भोआ में सबसे ज्यादा हुई मैपिंग, शहरी इलाका सबसे पीछे – Pathankot News


शहर में लोगों के घरों में जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरते बीएलओ।

जिले में पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का दूसरा चरण शुरू हो गया। वर्तमान में जिले की मतदाता सूची में कुल 5 लाख 9 हजार 38 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 86.06 फीसदी यानी 4,38,078 वोटरों की मैपिंग का काम सफल

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भोआ विधानसभा में सबसे ज्यादा मैपिंग

भोआ विधानसभा में सबसे ज्यादा मैपिंग बता दें, जिला के 3 विधानसभा हलकों में एसआईआर मैपिंग का काम भोआ में हुआ है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के निर्वाचन क्षेत्र इस विधानसभा में सबसे ज्यादा 88.36% मैपिंग पूरी हो चुकी है। यानि यहां कुल 1,86,867 मतदाताओं में से 1,65,115 की मैपिंग हो चुकी है, जबकि 21,752 वोटरों की मैपिंग बाकी है। वहीं, दूसरे नंबर पर सुजानपुर विधानसभा है। जहां 85.50% मैपिंग पूरी हो चुकी है। यहां 1,71,191 मतदाताओं में से 1,46,368 की मैपिंग हो चुकी है और 24,823 वोटरों की मैपिंग होना बाकी है। जबकि, पठानकोट विधानसभा में सबसे कम 83.86% मैपिंग हो पाई है। यहां कुल 1,50,980 मतदाताओं में से 1,26,611 की मैपिंग का काम पूरा हुआ है, जबकि 24,369 वोटरों की मैपिंग होना शेष है।

शहर में लोगों के घरों में जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरते बीएलओ।

शहर में लोगों के घरों में जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरते बीएलओ।

3 बार दरवाजा खटखटाएंगे बीएलओ, ताला मिलने पर लगेगा नोटिस जिला चुनाव अधिकारी व डीसी डॉ. पल्लवी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया से बाहर न छूटे। हर बीएलओ अपने क्षेत्र के हर घर में कम से कम तीन बार जाएंगे। यदि पहले दौर में कोई सदस्य नहीं मिलता, तो बीएलओ गणना फॉर्म दरवाजे पर ही रख देंगे। अंतिम चरण में भी यदि कोई नहीं मिलता है, तो घर के बाहर नोटिस चस्पा किया जाएगा। पहचान साबित करने के लिए 11 विकल्प डॉ. पल्लवी ने बताया कि यदि किसी का वोट अनमैप्ड है, तो उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए 11 दस्तावेजों में से कोई 1 दस्तावेज दिखाना होगा। इस सर्वे के दौरान हर मतदाता को दो फॉर्म दिए जाएंगे, जिन्हें पूरा भरकर और हस्ताक्षर करके बीएलओ को सौंपना होगा। इसमें माता-पिता और स्वयं की जानकारी देनी होगी। जिन वोटरों की फोटो मतदाता सूची में धुंधली या खराब है, उन्हें फॉर्म के साथ कलर पासपोर्ट फोटो देनी होगी। जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं होंगे, उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए जाएंगे और उन्हें ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में शामिल नहीं किया जाएगा। मैपिंग से छूटे वोटरों के पास रहेगा अपील का अधिकार चुनाव तहसीलदार योगेश सिंह के अनुसार यदि SSIR सर्वे में किसी कारणवश वोट मैपिंग नहीं हो पाती है, तो मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उनके पास अपील करने का विकल्प सुरक्षित रहेगा। प्रथम स्तर: मतदाता सबसे पहले असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर लेवल पर अपील कर सकते हैं। द्वितीय स्तर: इसके बाद डीसी व जिला चुनाव अधिकारी के पास अपील की जा सकती है। अंतिम स्तर: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब के पास अपील की जा सकेगी, जहाँ इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



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