‘इतिहास में महाराजा रणजीत सिंह से जुड़ी महिलाओं को मिले सही पहचान और आदर’ – Amritsar News

‘इतिहास में महाराजा रणजीत सिंह से जुड़ी महिलाओं को मिले सही पहचान और आदर’ – Amritsar News



‘माझा हाउस’ द्वारा चार प्रख्यात लेखकों की मौजूदगी में पंजाब पर केंद्रित दो विशेष साहित्यिक सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हिंदू कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर गुरप्रताप सिंह ने मेहमानों के परिचय और पंजाब पर अपने विचारों के साथ की। पहले सत्र में माझा हाउस की संस्थापक प्रीती गिल ने लेखिका चेतना कीर और रणजीत पोवार से संवाद किया। इससे पूर्व, प्रोफेसर सरबजोत बहल ने चेतना कीर की नई पुस्तक महाराज’स मोरान का विमोचन किया। सत्र में रणजीत पोवार की पुस्तक ‘द वेल एंड द स्वोर्ड’ पर भी चर्चा हुई। दोनों लेखकों ने बताया कि महाराजा रणजीत सिंह के इतिहास में उनसे जुड़ी महिलाओं का जिक्र बेहद कम मिलता है। इन पुस्तकों का उद्देश्य इतिहास में उन महिलाओं को उनका सही स्थान, पहचान और सम्मान दिलाना है। दूसरे सत्र में अक्षय कुमार और नवदीप सिंह द्वारा अनूदित दलित कहानियों के संग्रह ‘गैंगरीन’ पर चर्चा हुई। उनसे संवाद करते हुए अंग्रेजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. गुरुपदेश सिंह ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि दक्षिण और मध्य भारत के विपरीत पंजाब में शायद ही कोई महिला दलित लेखिका है। उन्होंने प्रतीकों के माध्यम से कहानियों में सामाजिक प्रणाली पर किए गए कटाक्ष को रेखांकित किया। अंत में प्रीती गिल और जसमीत नैयर ने सभी मेहमानों को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया।



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