हिमाचल में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, शिमला-सोलन और कुल्लू में सड़कों पर उतरे लोग – Shimla News

हिमाचल में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:  धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, शिमला-सोलन और कुल्लू में सड़कों पर उतरे लोग – Shimla News




देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आज (सोमवार को) हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भी छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए। पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शिमला, सोलन और कुल्लू सहित विभिन्न स्थानों पर रैलियां और धरने आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और एनटीए को रद्द करने की मांग की। इन मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन को उग्र करने की भी चेतावनी दी गई। सोलन में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा, किसान और मजदूरों ने प्रदर्शन किया। सीटू, एसएफआई और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिल्ड्रन पार्क से पुराने विश्राम गृह तक रोष रैली निकाली। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पेपर लीख से लाखों युवा परेशान: मोहित सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा ने कहा कि पिछले एक महीने से देशभर में पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन हटाया गया। उनके समर्थन में ही देशभर के विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। शिमला के शेर-ए-पंजाब के पास प्रदर्शन शिमला में शेर-ए-पंजाब के समीप युवाओं ने धरना देकर ‘सोनम वांगचुक जिंदाबाद’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कुल्लू में डीसी ऑफिस के बाहर धरना कुल्लू में भी डीसी ऑफिस के बाहर भी सीटू और सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य संकट में है। उन्होंने सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार समय की सबसे बड़ी जरूरत है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *