साइकोलॉजी और स्किल बेस्ड कोर्स स्टूडेंट की पसंद – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आने के बाद शहर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में दाखिला प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बार पारंपरिक डिग्रियों के मुकाबले वोकेशनल (स्किल बेस्ड) कोर्सों की ओर छात्रों का रुझान बढ़ा है। साइकोलॉजी, डिजिटल कॉमर्स, मीडिया, बैंकिंग और मेंटल हेल्थ से जुड़े कोर्स विद्यार्थियों की पहली पसंद बन रहे हैं। कॉलेजों का कहना है कि छात्र अब ऐसे कोर्स चुन रहे हैं, जिनमें पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। लाडोवाली रोड स्थित जीएनडीयू कॉलेज में बीवॉक के तहत डिजिटल एंड ई-कॉमर्स और जर्नलिज्म एंड मीडिया कोर्स संचालित हो रहे हैं। दोनों कोर्सों में 30-30 सीटें हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जर्नलिज्म में अब तक 20 और डिजिटल कॉमर्स में लगभग 30 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। वर्ष 2019 में शुरू हुए इन कोर्सों में पहले केवल 15 से 20 सीटें ही भरती थीं, लेकिन अब बढ़ती मांग के कारण दाखिले की अवधि बढ़ानी पड़ती है। इन कोर्सों में दाखिले के लिए 12वीं में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। इसमें इंडस्ट्री इंटर्नशिप भी करवाई जाती है। वहीं, शहर के निजी कॉलेजों में बी.वॉक के तहत बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज, वेब टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स, मेंटल हेल्थ एंड काउंसलिंग, फैशन टेक्नोलॉजी और कॉस्मेटोलॉजी जैसे कोर्स चल रहे हैं। एम.वॉक में भी कॉस्मेटोलॉजी और मेंटल हेल्थ जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। कॉलेज कोऑर्डिनेटर्स के मुताबिक, इस समय मेंटल हेल्थ एंड काउंसलिंग, कॉस्मेटोलॉजी तथा बैंकिंग कोर्स सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। अकेले मेंटल हेल्थ कोर्स के लिए रोजाना 4 से 5 छात्र पूछताछ कर रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, वोकेशनल डिग्री की सबसे बड़ी खासियत प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंटर्नशिप है, जो छात्रों में नौकरी के लिए जरूरी कौशल विकसित करती है। इसमें ‘मल्टीपल एग्जिट’ की सुविधा है; छह महीने पर सर्टिफिकेट, एक वर्ष पर डिप्लोमा, दो वर्ष पर एडवांस डिप्लोमा और तीन वर्ष पूरे करने पर बी.वॉक डिग्री मिलती है। तीन साल बाद छात्र उच्च शिक्षा के लिए मास्टर्स कर सकते हैं या सीधे रोजगार पा सकते हैं। यही वजह है कि अब विद्यार्थी पारंपरिक डिग्री की बजाय इन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं।
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