वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए: राजधानी कराकस में इमारतें गिरीं, एयरपोर्ट की छत का हिस्सा ढहा; 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप
वेनेजुएला में बुधवार दोपहर दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था। इसका केंद्र कराकस से करीब 160 किमी पश्चिम में और गहराई 13 किमी थी। कुछ मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन शहर के दक्षिण-पश्चिम में और गहराई 10 किमी थी। राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय मीडिया के अनुसार कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। मलबा गिरने से धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। यह पिछले 100 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। US जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप में बड़ी जनहानि हो सकती है। एजेंसी के अनुसार, 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44% संभावना है और 1,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 30% संभावना है। भूकंप से जुड़ी 2 तस्वीरें… US एजेंसी बोली- 10,000 मौतों की 44% संभावना USGS का कहना है कि बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है और आफ्टरशॉक की भी संभावना है। US Geological Survey (USGS) का कहना है कि बुधवार शाम वेनेज़ुएला की राजधानी और आस-पास के इलाकों में लगातार आए भूकंपों के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने की आशंका है। USGS का कहना है कि यह आपदा बड़े पैमाने पर हो सकती है और इसके बाद तेज झटकों वाले आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं। एजेंसी के अनुसार, 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44% संभावना है और 1,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 30% संभावना है। साथ ही, जमीन पर भूस्खलन और लिक्विफैक्शन का भी काफी खतरा है। लिक्विफैक्शन एक ऐसी घटना है जो भूकंप के दौरान ढीली मिट्टी या तलछट को प्रभावित करती है। वेनेजुएला में 1967 जैसा भूकंप, तब 200 जानें गईं थीं यह पहली बार नहीं है जब वेनेजुएला की राजधानी में जबरदस्त भूकंप आया हो। 1967 में, 6.6 तीव्रता के भूकंप ने कराकस को हिला दिया था, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस भूकंप ने पालोस ग्रांडेस (मध्यम-वर्गीय इलाका) और अल्तामिरा (अमीर लोगों का इलाका) में कई इमारतें गिरा दी थीं। बुधवार को आए भूकंप से ये दोनों इलाके फिर से प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने सरकारी टीवी को बताया कि ‘वहां कई इमारतें ढह गई हैं। इस बार की तरह, 1967 में भी लोगों ने दो झटके महसूस किए थे।
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