वर्ल्ड अपडेट्स: जेडी वेंस अमेरिकी उपराष्ट्रपति रहते हुए चौथे बच्चे के पिता बने, 150 साल में पहली बार ऐसा हुआ
- Hindi News
- International
- World News Updates; US Iran Israel Pakistan Breaking News UK Opposition Demands Ban On Pakistan Aid And Visas | Shabir Ahmed Case
5 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस के घर चौथे बच्चे का जन्म हुआ है। उनके बेटे एलेक नील वेंस का जन्म रविवार, 19 जुलाई की सुबह हुआ। जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
वेंस ने लिखा, “उषा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। हमारे तीनों बच्चे अपने छोटे भाई से मिलकर बेहद खुश हैं।” इस बच्चे के जन्म के साथ अमेरिकी राजनीति में एक अनोखा इतिहास भी बना है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, 150 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार किसी मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म हुआ है।
टाइम मैगजीन के अनुसार, इससे पहले ऐसा 1870 में हुआ था। उस समय राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति शायलर कोलफैक्स की पत्नी एलेन कोलफैक्स ने बेटे शायलर कोलफैक्स तृतीय को जन्म दिया था। बाद में वह इंडियाना के साउथ बेंड शहर के मेयर भी बने। मैगजीन के मुताबिक, 1870 से पहले उपराष्ट्रपतियों के परिवार में जन्म से जुड़े रिकॉर्ड पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
एलेक नील वेंस, जेडी और उषा वेंस की चौथी संतान हैं। उनसे पहले उनके तीन बच्चे इवान (9 वर्ष), विवेक (6 वर्ष) और मिराबेल (4 वर्ष) हैं।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें…
ब्रिटेन में विपक्ष की मांग- पाकिस्तान की सहायता और वीजा पर लगे रोक
ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पाकिस्तान द्वारा बाल यौन अपराधी शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार करने के बाद विपक्ष ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान ऐसे दोषियों को स्वीकार नहीं करता, तब तक उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता और नए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए।
पाकिस्तान में जन्मा शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का प्रमुख सदस्य था। उसे बच्चियों से दुष्कर्म के 30 मामलों में दोषी ठहराया गया था। 22 साल की सजा में से 14 साल जेल काटने के बाद इस महीने उसे रिहा किया गया।
ब्रिटेन ने 2016 में उसकी नागरिकता समाप्त कर दी थी, लेकिन 1971 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत मिले कानूनी संरक्षण के कारण सरकार उसे निर्वासित नहीं कर सकी। गृह सचिव शबाना महमूद ने कहा है कि ऐसे अत्यंत गंभीर मामलों में कानून में संशोधन किया जाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि अहमद ने दशकों पहले अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी और उसकी जिम्मेदारी अब ब्रिटेन की है, जहां उसका पालन-पोषण हुआ और उसने अपराध किए।
इसी दौरान यह भी सामने आया कि ब्रिटेन ने अगले तीन वर्षों के लिए पाकिस्तान को 153 मिलियन पाउंड की विकास सहायता मंजूर की है। इस पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सहायता और वीजा दोनों तब तक रोके जाने चाहिए, जब तक पाकिस्तान शबीर अहमद जैसे दोषियों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं होता।


