लुधियाना रेलवे स्टेशन पर दिखा मंत्री बिट्टू का अलग अंदाज: सुबह-सुबह हाथों में ग्लव्स पहन रेलवे ट्रैक पर उतरे, खुद उठाए आम के छिलके और बच्चों के डायपर; लोगों से की अपील – Ludhiana News
लुधियाना केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आज सुबह एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए। सुबह-सुबह वे लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंच गए, लेकिन किसी औपचारिक दौरे या निरीक्षण के लिए नहीं, बल्कि खुद जमीनी स्तर पर सफाई करने के लिए। हाथों में दस्ताने (ग्लव्स) पहनकर मंत्री बिट्टू सीधे रेलवे ट्रैक पर उतर गए और पटरियों के बीच पड़ा कचरा खुद अपने हाथों से उठाकर काले गार्बेज बैग में भरने लगे। उनके इस कदम को देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्री और रेलवे अधिकारी भी हैरान रह गए। सफाई अभियान के दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक से सिर्फ पानी की खाली बोतलें, चिप्स के पैकेट या गुटखे के पाउच ही नहीं निकाले, बल्कि पटरियों पर फेंके गए आम के छिलके और बच्चों के इस्तेमाल किए गए गंदे डायपर तक खुद अपने हाथों से उठाए। इस दौरान उन्होंने देश की जनता के नाम एक कड़ा और जागरूक करने वाला संदेश भी दिया। यह कोई दिखावा नहीं, देशवासियों को जगाने की कोशिश है सफाई करते हुए मंत्री बिट्टू ने स्पष्ट किया कि वे यह सब किसी पब्लिसिटी स्टंट के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह कोई दिखावा नहीं कर रहा हूँ। यह काम मशीनों से या सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को लगाकर भी किया जा सकता है, लेकिन आज मेरे खुद ऐसा करने का मकसद सिर्फ आप सबको और देशवासियों को जगाना है।” उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले की प्राचीर से ‘स्वच्छता’ का ही संदेश दिया था।
मंत्री बिट्टू की वीडियो की मुख्य बातें: कचरे का प्रकार और बीमारियों का डर: उन्होंने पटरियों पर पड़े कचरे की ओर इशारा करते हुए निराशा जताई। उन्होंने कहा कि यहां पानी की बोतलें, गुटखा, जर्दा, बीड़ी और चिप्स के रैपर तो हैं ही, लेकिन हद तो तब है जब लोग आम के छिलके और बच्चों के गंदे डायपर भी पटरियों पर ही फेंक देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यही कचरा और प्लास्टिक बाद में नालियों और सीवरेज में जाकर उन्हें जाम करता है, जिससे कैंसर जैसी भयानक बीमारियां और महामारियां फैलती हैं। रिश्तेदारों वाला उदाहरण: बिट्टू ने बहुत ही सलीके से लोगों को समझाते हुए कहा, “जब हमारे घर में कोई रिश्तेदार आने वाला होता है, तो हम घर का कोना-कोना चमका देते हैं। हमें सार्वजनिक जगहों और रेलवे स्टेशनों को भी अपना घर समझना चाहिए। यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील: मंत्री ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “अगर आप ट्रेन में कुछ खाते-पीते हैं, आम खाते हैं या बच्चों के डायपर बदलते हैं, तो उसे खिड़की से बाहर पटरियों पर न फेंकें। उसे एक लिफाफे में डालकर अपने बैग में रख लें या फिर ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर रखे डस्टबिन में ही डालें। जो चीज मुंह में जा सकती है, उसका कचरा डस्टबिन में क्यों नहीं जा सकता पद्मश्री पाने वाले पूर्व DIG का किया जिक्र: लोगों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ के एक पूर्व डीआईजी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि 75-76 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद उस पूर्व अधिकारी ने एक रेहड़ी ली और सड़कों की सफाई शुरू कर दी। उनके इस निस्वार्थ काम के लिए देश ने उन्हें ‘पद्मश्री’ से नवाजा है। बिट्टू ने कहा कि आज हमें ऐसे नायकों से प्रेरणा लेनी चाहिए सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती, हमें अपनी आदतें सुधारनी होंगी वीडियो के अंत में मंत्री बिट्टू ने सख्त लहजे में कहा कि केवल सरकार या रेलवे के सफाई कर्मचारी ही इस देश को साफ नहीं रख सकते, जब तक हम नागरिक अपनी आदतें नहीं सुधारेंगे। उन्होंने सभी एनजीओ (NGOs), सामाजिक संस्थाओं, आम जनता और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे अपने कीमती समय में से कुछ घंटे निकालकर स्वच्छता अभियान में अपना योगदान जरूर दें, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक साफ-सुथरा और स्वस्थ भविष्य मिल सके।
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