लुधियाना में दलित परिवार दर्ज केस रद्द करने की मांग: SSP से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, बोला- रसूखदार ने झूठे मामले में फंसाया – Jagraon News

लुधियाना में दलित परिवार दर्ज केस रद्द करने की मांग:  SSP से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, बोला- रसूखदार ने झूठे मामले में फंसाया – Jagraon News




लुधियाना ग्रामीण के SSP अंकुर गुप्ता से विभिन्न जन संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने विशेष मुलाकात की। नेताओं ने जगराओं के तहत आते गांव लक्खा के एक पीड़ित दलित मजदूर परिवार पर दर्ज की गई धारा 326 (गंभीर चोट पहुंचाने) के कथित झूठे मामले को तुरंत रद्द करने की पुरजोर मांग की। संगठनों का आरोप है कि यह गरीब परिवार पिछले एक साल से न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा है और प्रशासनिक अनदेखी का शिकार है। एसएसपी अंकुर गुप्ता से मिलने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्र के प्रमुख जन संगठनों के नेता शामिल थे, जिन्होंने जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए पुलिस प्रमुख को एक मांग पत्र (ज्ञापन) भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में क्रांतिकारी केंद्र पंजाब के वरिष्ठ नेता कंवलजीत खन्ना, ग्रामीण मजदूर यूनियन के अवतार सिंह रसूलपुर, कीर्ति किसान यूनियन के बलविंदर सिंह और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) डकौंदा के कुंदा सिंह काउंके इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। ‘खुद अपनी उंगली काटकर दलित दंपति को फंसाया, लगे SC-ST एक्ट’ प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी के समक्ष मांग रखी कि दलित परिवार पर दर्ज राजनीति से प्रेरित और कथित झूठे मामले को तत्काल खारिज किया जाए। इसके साथ ही, उस मुख्य आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, जिस पर खुद अपनी उंगली काटकर झूठी मेडिकल रिपोर्ट बनवाने और उसके आधार पर एक बुजुर्ग दलित दंपति को फंसाने का संगीन आरोप है। घर के पास लगे पेड़ भी काटे, मारपीट भी की ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला प्रधान सुखदेव सिंह माणूके ने बताया कि आरोपी ने पहले गरीब मजदूर परिवार की घर में रखी लकड़ियों को आग लगा दी थी। इसके बाद घर के पास सड़क किनारे खड़े एक पेड़ को भी अवैध रूप से काट दिया। उक्त रसूखदार व्यक्ति ने बुजुर्ग दंपति मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया था। नेताओं ने मांग की कि आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC-ST एक्ट के तहत नया मामला दर्ज किया जाए।
थाना हठूर के ASI पर पक्षपात करने का आरोप यूनियन नेताओं ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि थाना हठूर में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के कथित पक्षपातपूर्ण और ढुलमुल रवैये के कारण ही आज तक पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिल सका है। पुलिस ने असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय, आरोपी की कथित झूठी चोटों को आधार बनाकर निर्दोष दलित परिवार को ही आरोपी बना दिया, जिससे पूरी जांच संदेहास्पद हो गई है। एसएसपी अंकुर गुप्ता ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने और दस्तावेज देखने के बाद एसएसपी लुधियाना ग्रामीण अंकुर गुप्ता ने जन संगठनों को पूरे मामले की गहराई और निष्पक्षता से दोबारा जांच कराने का पक्का आश्वासन दिया। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि यदि दोबारा की जा रही इस उच्चस्तरीय जांच में संगठनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमे को कानूनी प्रक्रिया के तहत तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।



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