मोगा में शेलर के एलीवेटर सफाई करते मजदूर की मौत: 20 फीट गहरे कुएं में उतरे थे, जहरीली गैस से गई जान, दो को फायर ब्रिगेड ने निकाला – Moga News
मोगा के धर्मकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव लोहगढ़ स्थित जेबी शेलर में एलीवेटर की सफाई के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां करीब 20 फीट गहरे कुएं में उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे वे बेहोश हो गए। इस हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मृतक गुरदीप सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद इलाके के मजदूरों और शेलर उद्योग में सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सफाई के दौरान हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, घल्ल कलां निवासी जसप्रीत सिंह अपने साथी मजदूरों के साथ शेलर में बने एलीवेटर की सफाई करने के लिए 20 फीट गहरे कुएं में उतरे थे। अस्पताल में उपचाराधीन जसप्रीत सिंह ने बताया कि जैसे ही वे नीचे पहुंचे, वहां पहले से मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे तीनों वहीं बेहोश हो गए। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की भनक लगते ही आसपास के लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने पहले खुद मजदूरों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन कुएं में गैस का गुबार इतना ज्यादा था कि वे नीचे नहीं उतर सके। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं के भीतर पानी का जोरदार छिड़काव किया, जिससे गैस का असर कम हुआ और माहौल सुरक्षित बन सका। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद तीनों बेहोश मजदूरों को बाहर निकाला गया। 108 एंबुलेंस चालक सुरिंदर सिंह का कहना है कि कुएं में जहरीली गैस का स्तर बहुत अधिक था, जिसके कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। फायर ब्रिगेड की मदद से ही तीनों को बाहर निकालकर तुरंत सिविल अस्पताल मोगा पहुंचाया गया। एक ने तोड़ा दम, दो को मिली छुट्टी सिविल अस्पताल मोगा के डॉक्टर एकमजोत सिंह ने बताया कि जब तीनों मजदूरों को अस्पताल लाया गया, तो गुरदीप सिंह (निवासी घल्ल कलां) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, जसप्रीत सिंह सहित अन्य दो मजदूरों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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