मोगा पुलिस ने चोरी के 5 मोटरसाइकिल बरामद किए: दो आरोपी गिरफ्तार, नाकेबंदी में पकड़े गए आरोपी से गिरोह का खुलासा – Moga News

मोगा पुलिस ने चोरी के 5 मोटरसाइकिल बरामद किए:  दो आरोपी गिरफ्तार, नाकेबंदी में पकड़े गए आरोपी से गिरोह का खुलासा – Moga News




मोगा के जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) सरताज सिंह चाहल के दिशा-निर्देशों पर वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोगा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सिटी साउथ मोगा की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की पांच मोटरसाइकिलों समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। मिली जानकारी के अनुसार, डीएसपी सिटी जतिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में थाना सिटी साउथ के प्रभारी गुरपाल सिंह और सहायक थानेदार अजीत सिंह की टीम इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि संदीप सिंह उर्फ किट्टी (निवासी गांव जल्ले खां, जीरा), जो बड़े पैमाने पर मोटरसाइकिल चोरी करने और उन्हें आगे बेचने का धंधा करता है, आज भी चोरी की एक मोटरसाइकिल लेकर मोगा की तरफ आ रहा है। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में नाकाबंदी की। नाके के दौरान पुलिस ने संदीप सिंह को घेराबंदी कर चोरी की मोटरसाइकिल के साथ रंगे हाथों काबू कर लिया। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह उर्फ किट्टी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। संदीप ने कबूल किया कि उसने यह मोटरसाइकिल सुमित (निवासी साधांवाली बस्ती, मोगा) के साथ मिलकर चोरी की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने माना कि वे दोनों पहले से एक सुनियोजित योजना बनाकर अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करने की वारदातों को अंजाम देते आ रहे थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने संदीप और सुमित के कब्जे से 4 अन्य चोरी के मोटरसाइकिल भी बरामद किए हैं। इस तरह अब तक कुल 5 मोटरसाइकिलें बरामद की जा चुकी हैं। अदालत ने भेजा पुलिस रिमांड पर मामले की जांच कर रहे अधिकारी सहायक थानेदार अजीत सिंह रंधावा ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी साउथ मोगा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में वाहन चोरी के कई अन्य मामलों और इनके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पर्दाफाश हो सकता है।



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