लुधियाना में ट्रांसपोर्टर को हथियारों के बल पर बनाया बंधक: पैसे लौटाने के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया; 20 लाख की रंगदारी मांगी – Ludhiana News

लुधियाना में ट्रांसपोर्टर को हथियारों के बल पर बनाया बंधक:  पैसे लौटाने के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया; 20 लाख की रंगदारी मांगी – Ludhiana News




लुधियाना में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्टर को करोड़ों रुपए लौटाने का झांसा देकर सुनसान जगह पर बुलाया गया, जहां हथियारबंद लोगों ने उसे बंधक बना लिया। आरोपियों ने उस पर पहले से दर्ज धोखाधड़ी का मामला वापस लेने और 20 लाख रुपए देने का दबाव बनाया। साथ ही पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत की जांच के बाद थाना सराभा नगर पुलिस ने चार नामजद और चार अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 3.22 करोड़ की धोखाधड़ी का पहले से दर्ज है केस
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता विक्रम शर्मा, निवासी अबोहर (जिला फाजिल्का), ट्रांसपोर्टर हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 25 अक्तूबर 2025 को अबोहर के सिटी-1 थाने में रोनक सिंह जमवाल, प्रेरणा जमवाल, शिव कृष्ण सहगल और अन्य लोगों के खिलाफ 3.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। उस मामले में आरोपी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा हो गए। व्हाट्सएप कॉल कर बुलाया
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 12 जून को उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर से मिस्ड कॉल आई। अगले दिन दोबारा संपर्क कर रोनक सिंह जमवाल और शिव कृष्ण सहगल ने उन्हें लुधियाना के हम्बड़ा रोड स्थित नहर किनारे मिलने के लिए बुलाया। आरोपियों ने कहा कि वे उनके पैसे लौटाने के संबंध में बातचीत करना चाहते हैं। रास्ता रोककर बनाया बंधक
शिकायत के अनुसार, 17 जून को विक्रम शर्मा अपने चालक चरण दास के साथ टोयोटा इनोवा में तय स्थान पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उनकी कार रोक ली। इसी दौरान एक सफेद रंग की टाटा सफारी मौके पर पहुंची, जिसमें से चार हथियारबंद व्यक्ति बाहर निकले। उनके पास रिवॉल्वर, राइफल और पिस्तौल जैसे हथियार थे। केस वापस लेने और 20 लाख देने का दबाव
विक्रम शर्मा ने आरोप लगाया कि हथियारबंद लोगों ने उन पर बंदूक तान दी और कहा कि उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी का मामला वापस ले लें तथा पैसों की मांग करना बंद कर दें। आरोपियों ने उनसे 20 लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी और धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने आरोपियों से कुछ समय देने की गुहार लगाई, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें 20 से 25 दिन का समय दिया, लेकिन जाते समय फिर से गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर फरार हो गए। सीआईए जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर
मामले की जांच सीआईए स्टाफ द्वारा की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद थाना सराभा नगर पुलिस ने रोनक सिंह जमवाल (सेक्टर-17, चंडीगढ़), प्रेरणा जमवाल, दिव्या सिंह जमवाल (द्वारका, दिल्ली), शिव कृष्ण सहगल तथा चार अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
जांच अधिकारी एएसआई अजीतपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 127(2) (गैरकानूनी बंधक बनाना), 308(4) (जबरन वसूली), 351(3) (गंभीर आपराधिक धमकी), 61(2) (आपराधिक साजिश) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *