लुधियाना-जुराब का रंग गलत होने पर मासूम को सजा: परिजनों का आरोप-2 पीरियड तक खड़ा रखा; प्रबंधन बोला-आरोप झूठे, हमने खुद इलाज करवाया – Ludhiana News
लुधियाना में छोटी भामियां के स्कूली बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शर्मा मॉडल स्कूल में महज जुराब का रंग गलत होने पर चौथी कक्षा की एक छात्रा को ऐसी सजा दी गई कि वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मासूम के चेहरे के बल गिरने से उसकी नाक पर गंभीर चोट आई है और उसे 9 टांके लगे हैं। घायल बच्ची का इलाज इलाके के देव अस्पताल में करवाया गया। प्रिंसिपल ने कहा-बच्ची गिर गई अस्पताल में बेटी ने खोली पोल पीड़ित बच्ची की पहचान अंजना कुमारी के रूप में हुई है। बच्ची के पिता दविंदर जो कि पेशे से एक मजदूर हैं ने बताया कि परसों सुबह वह हमेशा की तरह अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर गए थे। करीब 2 घंटे बाद ही उन्हें प्रिंसिपल का फोन आया कि उनकी बेटी स्कूल में बेहोश होकर गिर गई है। घबराए हुए पिता ने तुरंत अपनी पत्नी को स्कूल भेजा जिसके बाद देव अस्पताल पहुंचे। वहां इलाज के दौरान जब बच्ची को थोड़ा होश आया और वह बोलने की स्थिति में हुई,तब उसने रोते हुए माता को स्कूल की सच्चाई बताई। हरी लाइन वाली जुराब पहनने पर दी थी सजा अस्पताल के बेड पर मासूम ने मां को बताया कि उसने जो जुराबें पहनी थीं,उनमें लाल रंग की बजाय हरी लाइन थी। ड्रेस कोड के इस मामूली से नियम के टूटने पर स्कूल के शिक्षकों ने चौथी क्लास की इस छोटी सी बच्ची को लगातार 2 पीरियड तक खड़े रहने की सजा दे दी। लगातार दो पीरियड (करीब डेढ़ से दो घंटे) तक खड़े रहने के कारण मासूम अंजना थकान और कमजोरी बर्दाश्त नहीं कर पाई और चक्कर खाकर मुंह के बल फर्श पर गिर गई। अचानक गिरने से उसकी नाक पर गहरा कट लग गया और खून बहने लगा,जिसके चलते डॉक्टरों को 9 टांके लगाने पड़े। मजदूर पिता की गुहार: प्रिंसिपल पर हो सख्त कार्रवाई बेटी की हालत देखकर पिता दविंदर गुस्से में हैं। उनका कहना है कि वह दिन-रात मजदूरी करके अपनी बच्ची को इसलिए पढ़ा रहे हैं ताकि उसका भविष्य संवर सके। दविंदर ने प्रशासन और पुलिस से शर्मा मॉडल स्कूल की प्रिंसिपल और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधन का पक्ष: आरोप झूठे हैं, हमने खुद इलाज करवाया शर्मा मॉडल स्कूल के चेयरमैन अशोक कुमार ने बच्ची के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा, एक-दो घंटे तक खड़ा रखने वाली बात पूरी तरह से झूठी है। स्कूल में रूटीन ड्रेस चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान मैडम ने बच्ची को खड़ा किया था,लेकिन जैसे ही मैडम चेकिंग करते हुए आगे गईं, करीब 10 मिनट बाद ही बच्ची अचानक गिर गई और उसे चोट लग गई। चेयरमैन अशोक कुमार ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद बच्ची के माता-पिता को फोन पर इसकी पूरी जानकारी दे दी गई थी। स्कूल प्रबंधन ने ही तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाकर उसका इलाज भी करवाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जानबूझकर सजा देने जैसी कोई बात नहीं है और स्कूल प्रबंधन पूरी तरह से परिवार के साथ खड़ा है।
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