लापता-लोगों की सच्चाई और न्याय के लिए एकजुट हो समाज: कल अरदास-समागम को लेकर बीबी परमजीत कौर खालड़ा ने रखीं 3 मुख्य मांगें – Amritsar News
कल 14 जुलाई 2026, मंगलवार को हरिके पत्तन में आयोजित होने वाला अरदास समागम केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और मानवाधिकारों की मांग का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। बीबी परमजीत कौर खालड़ा ने पंजाब, सिख समुदाय और दुनिया भर के उन सभी लोगों से अपील की है, जो इंसाफ और मानवाधिकारों में विश्वास रखते हैं, कि वे इस अवसर पर एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हों। 1984 और पंजाब की घटनाओं पर न्याय की मांग उन्होंने कहा कि जून 1984 में श्री दरबार साहिब पर हुई सैन्य कार्रवाई, नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों और उसके बाद के वर्षों में पंजाब में कथित तौर पर हुई गुमशुदगियों, लावारिस शवों, यातनाओं और फर्जी पुलिस मुठभेड़ों जैसे मामलों में आज भी अनेक सवाल अनुत्तरित हैं। उनके अनुसार, इन घटनाओं से जुड़े पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। संदेश में यह भी आरोप लगाया गया है कि अलग-अलग समय में सत्ता में रही सरकारें पीड़ितों को न्याय दिलाने में विफल रहीं। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में आरोपित अधिकारियों को संरक्षण और महत्वपूर्ण पद दिए गए, जबकि प्रभावित परिवारों को कानूनी और सामाजिक संघर्ष का सामना करना पड़ा। बीबी खालड़ा की तीन प्रमुख मांगें बीबी परमजीत कौर खालड़ा ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, 1980 और 1990 के दशक में लापता हुए लोगों, लावारिस शवों और कथित फर्जी मुठभेड़ों की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र लोक आयोग का गठन किया जाए। दूसरी, मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा उजागर किए गए अज्ञात शवों की स्मृति को केंद्रीय सिख संग्रहालय में सम्मानजनक स्थान दिया जाए। तीसरी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पीड़ित परिवारों की आर्थिक सहायता सुनिश्चित करे। अंत में उन्होंने कहा कि न्याय किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि समाज का विषय है। इसलिए इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाए और सत्य, जवाबदेही तथा इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्ष मिलकर प्रयास करें।
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