रोपड़ में सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी: कचरे के ढेर लगे, यूनियन बोली- सरकार झूठे वादों के सहारे नहीं चलती; आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Ropar (Rupnagar) News

रोपड़ में सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी:  कचरे के ढेर लगे, यूनियन बोली- सरकार झूठे वादों के सहारे नहीं चलती; आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Ropar (Rupnagar) News




रूपनगर में नगर काउंसिल के सफाई कर्मचारियों और अन्य कच्चे कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी पंजाब सरकार द्वारा स्वीकृत मांगों को लागू नहीं किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल में सफाई सेवकों के अलावा सीवरमैन, पंप ऑपरेटर, ड्राइवर, माली, इलेक्ट्रिशियन और दफ्तरी स्टाफ समेत विभिन्न श्रेणियों के कच्चे कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या ने हालात को और गंभीर बना दिया है। कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने बताया कि इससे पहले भी मांगों को लेकर उन्होंने हड़ताल की थी। उस समय नगर काउंसिल चुनावों को देखते हुए सरकार ने मांगें मानने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। यूनियन नेताओं का आरोप है कि एक महीना बीतने के बावजूद मांगों को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है और उन्हें दोबारा हड़ताल करने का फैसला लेना पड़ा। सरकारें झूठे वादों के सहारे नहीं चलतीं नगर काउंसिल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अजय भट्टी ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें आउटसोर्सिंग और मौजूदा कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि बीते 2 तारीख को सरकार के साथ हुई बैठक में भी कोई ठोस नतीजा या नोटिफिकेशन सामने नहीं आया। भट्टी ने तीखे लहजे में कहा कि सरकारें झूठे वादों के सहारे नहीं चलतीं। अगर सरकार हमें सिर्फ लॉलीपॉप दे रही है, तो आगे 2027 (विधानसभा चुनाव) आ रहा है, कर्मचारी चुनाव में इसका करारा जवाब देंगे। आंदोलन को और तेज किया जाएगा यूनियन प्रधान ने कहा कि पंजाब की राज्य स्तरीय संस्था के आह्वान पर शुरू की गई यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक मांगों से संबंधित लिखित आदेश कर्मचारियों को नहीं मिल जाते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में शहर में उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होंगे।



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