मोहाली में मीटर रीडरों की हड़ताल से औसत बिल जारी: उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी, मुफ्त बिजली योजना का लाभ भी हो रहा प्रभावित – Mohali News
पंजाब सरकार की मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे मोहाली के उपभोक्ताओं के लिए इन दिनों बिजली के बिल जी का जंजाल बन गए हैं। शहर में मीटर रीडरों की चल रही हड़ताल के कारण बिजली विभाग उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत (Actual Reading) के बजाय औसत (Average) के आधार पर मनमाने बिल जारी कर रहा है। इसके चलते शुक्रवार को बड़ी संख्या में परेशान उपभोक्ता अपनी शिकायतें लेकर बिजली बोर्ड के मुख्य कार्यालय पहुंचे, जहाँ दिनभर भारी भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने अधिक बिल आने की शिकायत की मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग ने बिना मीटर की जांच किए ही हजारों रुपये के भारी-भरकम बिल थमा दिए हैं। औसत बिलिंग होने के कारण कई ऐसे उपभोक्ता, जो हर महीने सरकार की मुफ्त बिजली योजना (300 यूनिट प्रति माह मुफ्त) के दायरे में आते थे, वे भी इस बार योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। इसके अलावा, कई लोगों को बिल जमा करने की अंतिम तिथि की जानकारी भी नहीं मिल सकी, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने का डर सता रहा है। “एक पंखा, एक बल्ब… फिर भी 4 हजार का बिल” बिजली कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उपभोक्ताओं ने हमारे घरों में बिजली की खपत बेहद सीमित है। घर में केवल एक पंखा और एक बल्ब चलता है, इसके बावजूद विभाग ने लगभग चार हजार रुपये का बिल भेज दिया है। यह हमारी वास्तविक खपत से कई गुना अधिक है। विभाग को इन त्रुटिपूर्ण बिलों को तुरंत संशोधित (Revise) करना चाहिए। बिजली दफ्तर में सुबह से लगीं लंबी लाइनें शुक्रवार सुबह से ही मोहाली बिजली बोर्ड के मुख्य कार्यालय में उपभोक्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। उमस भरी गर्मी के बीच लंबी लाइनों में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं और आम नागरिकों ने अधिकारियों से मांग की कि उनके बिलों की मैन्युअल जांच की जाए और सही रीडिंग के आधार पर संशोधित बिल जारी किए जाएं। उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि जब तक मीटर रीडिंग की व्यवस्था सामान्य नहीं होती, तब तक इस तरह की औसत बिलिंग आम जनता का बजट बिगाड़ती रहेगी। सरकार और विभाग से तुरंत समाधान की अपील परेशान मोहाली वासियों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम (PSPCL) के उच्चाधिकारियों से पुरजोर अपील की है कि मीटर रीडरों की हड़ताल और मांगों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक यह समस्या हल नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को वास्तविक खपत के अनुसार बिल मिल सकें और वे बिना किसी मानसिक व आर्थिक परेशानी के मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा सकें।
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