मोगा में कल सीनियर डिप्टी-डिप्टी मेयर चुनाव का बहिष्कार: अकालीदल ने बताया असंवै​धानिक, मेयर को लेकर पहले से है कोर्ट में मामला – Moga News

मोगा में कल सीनियर डिप्टी-डिप्टी मेयर चुनाव का बहिष्कार:  अकालीदल ने बताया असंवै​धानिक, मेयर को लेकर पहले से है कोर्ट में मामला – Moga News




मोगा नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए 6 जुलाई को होने वाले चुनावों से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने इन चुनावों को पूरी तरह ‘गैर-संवैधानिक’ और ‘गैर-कानूनी’ बताते हुए इनका पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी ने इस संबंध में पंजाब सरकार और स्थानीय निकाय विभाग सहित विभिन्न उच्च अधिकारियों को पत्र जारी कर चुनाव रोकने की मांग की है। गौरतलब है कि 11 जुलाई को हुए मेयर चुनाव को मोगा के समाजवादी कार्यकर्ता अजय सूद पहले ही पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दे चुके हैं, जिसमें उन्होंने भी एक्ट का उल्लंघन होने की दलील दी है। विपक्ष के इस बहिष्कार के एलान के बाद अब देखना होगा कि 6 जुलाई को होने वाले चुनावों पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है। शिरोमणि अकाली दल के हलका मोगा इंचार्ज संजीत सिंह सनी गिल ने आज पार्टी के तीनों विजयी पार्षदों के साथ एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला। गिल ने कहा, “जो सरकार लोकतंत्र का नाटक कर रही थी, उसने खुद नगर निगम चुनावों में तानाशाही के जरिए लोकतंत्र का कत्ल किया है। ये चुनाव जुल्म करके लूटे गए चुनाव हैं, जिन्हें हम वास्तविक चुनाव नहीं मानते।” विभागीय अधिकारियों को लिखे पत्र, दी कोर्ट जाने की चेतावनी सनी गिल ने बताया कि इस चुनाव को रुकवाने और इस पर दोबारा विचार करने के लिए पंजाब सरकार, स्थानीय निकाय सचिव, स्थानीय सरकार निदेशक, फिरोजपुर डिवीजनल कमिश्नर, मोगा डिप्टी कमिश्नर और मोगा नगर निगम कमिश्नर को ईमेल के जरिए पत्र भेजे गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार और प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वे माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। एक्ट का उल्लंघन करने के लगाए आरोप अकाली दल का आरोप है कि नगर निगम के मेयर का चुनाव भी नगर निगम अधिनियम 1976 के नियमों के अनुसार नहीं हुआ था। सनी गिल के मुताबिक, नियमतः मेयर के चुनाव के साथ ही सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और वित्त समिति से जुड़े दो पार्षदों का भी चुनाव होना अनिवार्य था, जो नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षदों को जानबूझकर गुमराह किया गया था और अब कराया जा रहा यह चुनाव पूरी तरह अवैध है। क्या है पूरा समीकरण? आप का बहुमत: इससे पहले 26 जून को हुए निगम चुनावों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने 50 में से 30 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। अकाली दल की स्थिति: शिरोमणि अकाली दल के केवल तीन पार्षद—वार्ड नंबर 7 से गोवर्धन लाल पोपली, वार्ड नंबर 19 से मनजीत सिंह धम्मू और वार्ड नंबर 50 से सतवीर कौर बराड़ ही जीत दर्ज कर सके थे। चुनाव पूरी तरह से असंवै​धानिक, सत्तादल की चाल है: अजय सूद गोरा समाजवादी एवं सोशलिस्ट नेता अजय सूद गोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस चुनाव को पूरी तरह ‘असंवैधानिक’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सत्ताधारी दल की एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है, जिसे वे माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दे चुके हैं। म्यूनिसिपल एक्ट की धारा 38 का उल्लंघन अजय सूद गोरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मोगा नगर निगम कमिश्नर द्वारा इस चुनाव को लेकर 3 जुलाई 2026 को एक पत्र (क्रमांक 710) जारी किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह पत्र पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 38 के नियमों के खिलाफ है। नियमतः यह चुनाव 11 जून को मेयर चुनाव के समय ही संपन्न हो जाना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया। इस मामले की अगली कानूनी सुनवाई हाई कोर्ट में 16 जुलाई 2026 को होनी तय है। न बैठक का समय तय, न सही स्थान अजय सूद ने हैरानी जताते हुए कहा कि इस असंवैधानिक चुनाव को संवैधानिक रूप देने के लिए एक नया एजेंडा जारी किया गया है। लेकिन प्रशासन की नीयत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जारी किए गए एजेंडे में बैठक का कोई निर्धारित समय तक तय नहीं है। इसके अलावा, नगर निगम हाउस की इस सामान्य बैठक का स्थान भी निगम दफ्तर के बजाय डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय का मीटिंग हॉल रखा गया है, जो कई तरह के संदेह पैदा करता है। समितियों के गठन के पीछे बड़ी साजिश उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंडे की पहली प्रस्तावना पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट की धारा 42 (2), (3) और (4) के तहत विभिन्न कमेटियों (समितियों) के गठन से जुड़ी है। अजय सूद के अनुसार, यह प्रशासन और सत्ता पक्ष की एक बड़ी साजिश है ताकि पिछली गलतियों को छुपाकर इस चुनाव को जबरन कानूनी और संवैधानिक स्वरूप दिया जा सके। अकाली दल के बहिष्कार का स्वागत, अन्य दलों से भी अपील अजय सूद गोरा ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) द्वारा इस चुनाव के पूर्ण बहिष्कार किए जाने के फैसले की सराहना की और उसका स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और अन्य आजाद (निर्दलीय) पार्षदों से भी एकजुट होकर इस चुनाव का बहिष्कार करने की पुरजोर अपील की। क्या है कोरम का गणित? समजिए सत्ता दल की चाल अजय सूद ने तकनीकी पक्ष समझाते हुए कहा कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के पास फिलहाल 30 पार्षद हैं। यहाँ दो अलग-अलग बैठकें बुलाई गई हैं—एक सामान्य बैठक और दूसरी चुनाव बैठक। सामान्य बैठक के लिए एक-तिहाई (1/3) सदस्यों का कोरम चाहिए होता है, लेकिन चुनाव बैठक के लिए दो-तिहाई (2/3) कोरम की जरूरत होती है। इस हिसाब से चुनाव बैठक संपन्न कराने के लिए कम से कम 34 सदस्यों (पार्षदों) की उपस्थिति अनिवार्य है, जो सत्ता पक्ष के पास अकेले नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों के स्थानीय नेताओं से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि यह मामला सीधे तौर पर जनहित और शहर के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी को भी इस पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *