मानसून की रफ्तार थमी, पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ी गर्मी: सामान्य से 2.8 डिग्री ऊपर तापमान; बठिंडा सबसे गर्म 41.2°C; बारिश के नहीं आसार – Mohali News

मानसून की रफ्तार थमी, पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ी गर्मी:  सामान्य से 2.8 डिग्री ऊपर तापमान; बठिंडा सबसे गर्म 41.2°C; बारिश के नहीं आसार – Mohali News




पंजाब में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस लोगों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ की तरफ से शुक्रवार को 8 जिलों के लिए गर्मी व उमस का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा शामिल हैं। इसके अलावा पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि इन जिलों के लिए किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री की वृद्धि हुई है। अब यह सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक हो गया है। बठिंडा में सबसे अधिक 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अब 2 वजह से जानिए की मानसून कमजोर क्यों पड़ा 1. मौसम के माहिरों के मुताबिक बारिश कराने वाला सिस्टम (लो-प्रेशर एरिया) फिलहाल ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ऊपर सक्रिय है। ऐसे सिस्टम के आसपास नमी वाली हवाएं इकट्ठी होती हैं और वहीं बादल बनकर बारिश होती है। चूंकि यह सिस्टम अभी पूर्वी और मध्य भारत में है, इसलिए पंजाब और चंडीगढ़ तक पर्याप्त नमी और बारिश वाले बादल नहीं पहुंच रहे। इसी वजह से इन इलाकों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। 2. चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 18 जुलाई तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गर्मी-उमस बनी रहेगी। 19 जुलाई को बारिश का दायरा बढ़ेगा, जबकि 20 से 22 जुलाई के बीच राज्य के कई इलाकों में बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। गर्मी के असर 2 प्वाइंटों में बिजली की डिमांड बढ़ी
पंजाब में बिजली की मांग 14,571 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य का कुल बिजली उत्पादन 5,588 मेगावाट रहा, जबकि ग्रिड से 8,980 मेगावाट बिजली ली गई। तय हिस्से (9,141 मेगावाट) के मुकाबले पंजाब ने 161 मेगावाट कम बिजली ली। इस दौरान ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.89 हर्ट्ज दर्ज की गई। डैमों का पानी बढ़ने लगा BBMB के मुताबिक भाखड़ा बांध का जलस्तर 1582.78 फीट है, जबकि डेंजर लेवल 1680 फीट है। पोंग बांध का जलस्तर 1322.12 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका डेंजर लेवल 1390 फीट है। भाखड़ा बांध में 34,193 क्यूसेक पानी की आमद हुई और 26,549 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं पोंग बांध में 10,384 क्यूसेक पानी आया और 18,041 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।



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