मांग पत्र: एनजीओ से चल रही होम्यो डिस्पेंसरियां, 2022 से ना तो दवा ना ही पूरा स्टाफ – Ludhiana News

मांग पत्र:  एनजीओ से चल रही होम्यो डिस्पेंसरियां, 2022 से ना तो दवा ना ही पूरा स्टाफ – Ludhiana News



एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ लुधियाना समेत राज्य की 225 होम्योपैथी डिस्पेंसरियां सरकारी उपेक्षा का शिकार हो रही। पिछले चार वर्षों से दवाओं के अभाव और भारी स्टाफ की कमी से जूझ रही यह डिस्पेंसरियां अब अपनी पहचान खो रही हैं। जिले की 27 डिस्पेंसरियों की बात करें तो इन डिस्पेंसरियों में एनजीओ की मदद से दवाएं पहुंच रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। समस्याओं को लेकर एसोसिएशन की तरफ से कई बार हेल्थ विभाग के अधिकारियों और मंत्री को को मांग पत्र दिया जा चुका है। फिर भी विभाग गंभीर नहीं है। राज्य में कुल 225 हेमोपैथी डिस्पेंसरियां है, जिसमें 111 रेगुलर और 114 एनएचएम की डिस्पेंसरियां है। जिले में 27 डिस्पेंसरियां है, जिसमें 11 रेगुलर और 17 एनएचएम की है। लेकिन इन डिस्पेंसरियों में दवाओं की कमी चल रही है। सरकारी की तरफ से 200 दवाओं भेजी जाती थीं। लेकिन 2022 के बाद कोई भी दवा नहीं भेजी गई। जिसके चलते यह डिस्पेंसरी एनजीओ के सहारे चल रही है। सरकार की भेजी गई दवाएं लगभग अब खत्म हो गई है। कई डिस्पेंसरियों में डिसपेंसर या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी न होने के कारण डॉक्टर को खुद ही पर्चियां बनाने, दवाइयां तैयार करने और मरीजों को समझाने का सारा काम करना पड़ता है। जिसके चलते डाक्टर को एक मरीज को देखने में समय लगता है। यह हाल सरकारी और एनएचएम दोनों की डिस्पेंसरियों की है। एसोसिएशन ने दवाओं की कमी दूर करने और स्टाफ की भर्ती की मांग की है। 42 अफसरों की भर्ती शुरू डिस्पेंसरियों में तैनात स्टाफ की हकीकत पद का नाम स्वीकृत पद भरे पद खाली पद जिला होम्योपैथिक अधिकारी 23 03 20 होम्योपैथिक चिकित्सक अधिकारी 88 41 47 होम्योपैथिक डिस्पेंसर 110 34 76 क्लर्क 06 02 04 कंप्यूटर ऑपरेटर 06 00 06 एचएमओ(एनएचएम) 99 87 12 होम्योपैथिक डिस्पेंसर(एनएचएम) 111 53 63 प्रक्रिया की रफ्तार धीमी रिटायर हुए तो नहीं की अफसरों की भर्ती 2016 में मेडिकल अफसर की रेगुलर पोस्ट निकली थी और यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में पूरी हुई थी। इसके बाद भर्ती दोबारा निकली ही नहीं। जबकि एनएचएम की तरफ से 2009 में भर्ती हुई थी। इसके बाद कोई वैकेंसी नहीं निकली। धीरे-धीरे कर मेडिकल अफसर रिटायर हो रहे है और उनकी जगह नई भर्ती नहीं हो रही है।



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